शासन स्तर से पहली सूची में जौनपुर का यह गांव सभा मॉडल के रूप में होगी विकसित - जिलाधिकारी



जौनपुर । जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया है कि उत्तर प्रदेश शासन के द्वारा अवगत कराया गया है कि 73वें संविधान के फल स्वरुप त्रि-स्तरीय पंचायतों में ग्राम पंचायत सबसे निचली एवं महत्वपूर्ण इकाई के रूप से ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए कार्य कर रही है। 
 ग्राम पंचायतों के माध्यम से विकास के विभिन्न घटकों यथा संरचनात्मक विकास, पेयजल, स्वच्छता जल संरक्षण, ठोस एवं तरल अपशिष्ट पदार्थ पर विभिन्न कार्य करते हुए प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार प्राप्त किए गए हैं। वर्तमान परिदृश्य में आवश्यकता है कि ग्राम पंचायतों द्वारा पृथक-पृथक किए गए कार्यों को एक एकीकृत रूप से लागू कर ग्राम पंचायतों को मॉडल के रूप में विकसित किया जाए। 
 मॉडल ग्राम पंचायत से आशय है कि ऐसी पंचायतें जो सहभागी नियोजन, योजनाओं के क्रियान्वयन परिसंपत्तियों के संचालन/रखरखाव के साथ विकास के अस्तित्व को बनाए रखें एवं इस प्रकार से सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में अपना योगदान दें। मॉडल ग्राम पंचायतों द्वारा स्थानीय स्तर पर सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु पंचायती राज मंत्रालय द्वारा गठित कर कार्य किया जाएगा, जिससे की संरचनात्मक ढांचे के विकास के साथ सामाजिक, आर्थिक एवं मानव विकास से संबंधित मांगों पर भी ग्राम पंचायत समान विकास कर सकते हैं। 
 उन्होंने यह भी अवगत कराया है कि प्रदेश के 12 जनपद की 67 ग्राम पंचायतों को वित्त आयोग अंतर्गत परफॉर्मेंस ग्रांट की रु0 625 करोड़ की धनराशि आवंटित की गई है जिससे संबंधित ग्राम पंचायतों में डीपीआर तैयार कर संरचनात्मक ढांचे का विकास किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त अन्य ग्राम पंचायतों द्वारा भी स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण एवं वित्त आयोग आवंटित धनराशि उत्कृष्ट कार्य किए जा रहे हैं। ग्राम पंचायतों द्वारा ग्राम पंचायतों के मानकों के अनुसार विभिन्न गतिविधियों को संचालित करते हुए ग्राम पंचायत स्वयं को स्थापित किया जा सकता है। 
इस हेतु प्रथम चरण में प्रदेश की 150 ग्राम पंचायतों को मॉडल के रूप में विकसित किये जाने हेतु चयनित किया गया है। जनपद जौनपुर की ग्राम पंचायत पिलकिछा, विकासखंड खुटहन चयनित है। उक्त रूप से चयनित ग्राम पंचायतों में सर्वप्रथम ग्राम सभा का आयोजन का सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण पर जानकारी दी जाएगी एवं प्राप्त निधियों से आगामी छह माह की कार्य योजना बनाकर गांव को सुशासित गांव, साफ एवं हरा गांव, गरीबी मुक्त एवं बेहतर आजीविका वाला गांव, बाल मैत्री, गांव, विकास में लैंगिक समानता वाला गांव, पर्याप्त जल वाला गांव, स्वस्थ ग्राम, सामाजिक रूप से सुरक्षित गांव, गांव में संरचनात्मक ढांचे यथेष्टा उपलब्धता पर कार्य किया जायेगा।

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