पंचायत सहायक की भर्ती में आरक्षण जानें किसे और कैसे मिलेगा क्या बनी गाइड लाइन


प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत सहायक कम डाटा एंट्री ऑपरेटर के पदों पर भर्ती की जा रही है जिसके लिए 2 अगस्त से आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत की कर दी गई । जो 17 अगस्त तक जारी रहेगी। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में कुल 58,886 पदों पर भर्ती की जाएगी जो ग्राम पंचायत में चल रहे कामकाजों के लेखा-जोखा रखने के अतिरिक्त ग्रामीणों के लिए सरकार द्वारा संचालित की गई योजनाओं को लोगों तक पहुचानें और और उनकी पात्रता सूची तैयारी करने जैसे अन्य कामों की जिम्मेदारियां उठाएंगे। इस भर्ती के बारे में और अधिक जानकारी ये आवेदन करने से जुड़े नियमों को विस्तार से पढ़ने के लिए उम्मीदवार पंचयाती राज विभाग उतर प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट पर विज़िट करना होगा। इसके अतिरिक्त यदि आप एक प्रतियोगी छात्र हैं और हाल ही में आपको किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होना है तो ऐसे में उन सभी स्टूडेंट्स को अभी सफलता द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे इस फ्री-कोर्स को ज्वॉइन कर लेना चाहिए। इस निशुल्क कोर्स की मदद से प्रतियोगी स्टूडेंट्स की अपनी परीक्षा की पक्की तैयारी और कंप्लीट रिवीजन कर सकते हैं। 


जानिए भर्ती के आरक्षण नियम और किन्हें मिलेगी वरीयता

अगर आप ग्राम पंचायत में पंचायत सहायक बनना चाहते हैं तो भर्ती में मिलने वाले आरक्षण और वरीयता के बारे में आपको जानकारी कर लेनी चाहिए। 

इस भर्ती में उस वर्ग के उम्मीदवारों को पहले वरीयता दी जाएगी जाति/वर्ग का ग्राम प्रधान का पद आरक्षित होगा। 

इसके अलावा के कोविड-19 के मृतकों को वरीयता क्रम में सबसे पहले रखे जाने का प्रावधान किया गया है। 

अगर दो उम्मीदवारों के शैक्षिक योग्यता में मिलने वाले अंक समान पाए जाते हैं तो जिस अभ्यर्थी की आयु अधिक होगी उसे चयन प्रक्रिया में वरीयता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त यदि किन्ही दो उम्मीदवारों के शैक्षिक अंक और आयुसीमा भी समान होगी तो ऐसे में उस अभ्यर्थी को वरीयता दी जाएगी जिसने पहले आवेदन किया होगा। इसके अलावा जिलाधिकारी के द्वारा निर्धारित की गई कमेटी द्वारा किया गया निर्णय ही अंतिम रूप से मान्य होगा। 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मुम्बई से आकर बदलापुर थाने में बैठी प्रेमिका, पुलिस को प्रेमी से मिलाने की दी तहरीर, पुलिस पर सहयोग न करने का आरोप

आइए जानते है कहां पर बारिश के दौरान आकाश से गिरी मछलियां, ग्रामीण रहे भौचक

पूर्वांचल की राजनीति का एक किला आज और ढहा, सुखदेव राजभर का हुआ निधन