जौनपुर के पांच विधान सभा में सपा गठबंधन तो चार में भाजपा गठबंधन का कब्जा,जानें किसे कितने वोट मिले


जौनपुर। विधान सभा 2022 के चुनाव में जनपद जौनपुर की नौ विधान सभाओ में पांच सीटों पर सपा और गठबंधन ने कब्जा किया तो चार विधान सभाओ में भाजपा गठबंधन ने अपना परचम फहराया है। इस चुनाव में सबसे खास बात यह रही कि लोकतंत्र के इतिहास में जौनपुर सदर विधान सभा से जहां इतिहास बदलते हुए भाजपा के गिरीश चन्द यादव ने लगातार दो बार जीत दर्ज किया वहीं मल्हनी विधान सभा सीट पर लगातार वर्ष 2012 के चुनाव से चला रहा कब्जा बरकरार रहा तमाम जुगत के बावजूद बाहुबली नेता धनंजय सिंह को शिकस्त ही मिली है। 
364 बदलापुर विधान सभा से सपा ने ओम प्रकाश दूबे बाबा को चुनाव मैदान में उतारा था भाजपा से विधायक रमेश चन्द मिश्रा लड़ रहे थे बसपा ने मनोज सिंह पर दांव लगाया रमेश चन्द मिश्रा 82391 वोट लेकर सपा के बाबा दूबे को हराया बाबा को 81065 वोट मिले है तो बसपा 34792 वोट पा सकी है। 365 शाहगंज विधान सभा में सपा से पूर्व मंत्री एवं विधायक शैलेंद्र यादव ललई चुनाव लड़े ये 86514 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे जबकि भाजपा निषाद पार्टी गठबंधन से पहली बार चुनाव आये रमेश सिंह ने 87233 वोट हांसिल कर प्रथम स्थान पर रहे और विधायक बन गये यहां बसपा को 48957 वोट मिला है।
366 जौनपुर सदर विधान सभा से सपा ने बड़ी उठा पटक के बाद अरशद खांन को प्रत्याशी बनाया था अरशद खांन 88636 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे और भाजपा से चुनाव लड़ रहे प्रदेश सरकार के मंत्री गिरीश चन्द यादव ने 97264 वोट लेकर इतिहास रचते हुए इस सीट पर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कराया। जबकि बसपा के सलीम खांन को 30402 वोट मिला था।
367 मल्हनी विधान सभा चुनाव के जीत की कहांनी बड़ी ही दिलचस्प है। यहां बता दे कि वर्ष 2012 में जब से मल्हनी विधान सभा बनी है तब से आज तक सपा का ही कब्जा रहा है। पहले स्व पारसनाथ यादव विधायक होते रहे अब उनके पुत्र लकी यादव विधायक है। 2022 के इस चुनाव का बिगुल बजते ही बाहुबली नेता और पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने अपने जीत की स्क्रिप्ट लिखते हुए अपने खास सिपह सालार के लिए बसपा का टिकट तक खरीद लिया और पूरे दम खम के साथ जद यू से चुनाव लड़े परिणाम आया तो पराजित नजर आये। सपा के लकी यादव ने 97357 मत प्राप्त कर बिजय दर्ज किया तो धनंजय सिंह 79830 मत प्राप्त कर दूसरे स्थान पर बने रहे और 17527 मत के अन्तर से चुनाव हार गये। यहां ध्यान देने वाली बात यह भी है कि भाजपा के लिए देश के गृह मंत्री अमित शाह वोट मांगने आये थे लेकिन भाजपा के केपी सिंह को 18319 वोट मिला और चौथे स्थान पर रहे। बसपा जिसका प्रत्याशी खुद धनंजय सिंह का प्रचार करता रहा बसपा 24007 मत हांसिल कर तीसरे स्थान पर रही है। यहां की सीट को लेकर एक चर्चा और चल रही है कि यह सिद्ध हो गया है कि जबतक धनंजय सिंह मल्हनी से चुनाव लड़ते रहेंगे कमल नहीं खिल सकेगा।
368 मुंगराबादशाहपुर विधान सभा से सपा ने पंकज पटेल पर दांव लगाया और भाजपा ने अजय कुमार दूबे अज्जू पर यहां पर पंकज पटेल ने 92048 मत के साथ विजयी रहे तो अजय कुमार दूबे 86818 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे। यहां की जो कहांनी सामने आयी है भाजपा को हराने की भूमिका में भाजपा के एक जन प्रतिनिधि ने 2017 के चुनाव का बदला लेने के लिए भूमिका निभाया और सफल रहा भाजपा हारी और सपा जीत गयी। यहां पर बसपा ने 32597 वोट लेकर तीसरे स्थान पर डटी रही। इसी तरह 369 मछलीशहर सु विधान सभा से सपा ने डा रागिनी सोनकर पर दांव लगाया और सफल रही भाजपा ने दलिता कार्ड गौतम पर लगाया लेकिन काम नहीं आया रागिनी सोनकर 91659 वोट पाकर विधायक बन गयी और मेंहीलाल गौतम 83175 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहे। यहां पर बसपा ने 35059 वोट हांसिल किया है। 370 मड़ियाहूँ विधान सभा से सपा ने मुंगराबादशाहपुर की विधायक सुषमा पटेल पर दांव लगाया और भाजपा अपना दल एस गठबंधन से डाॅ आर के पटेल चुनाव मैदान में आये। यहां पर सपा की पूर्व विधायक श्रद्धा यादव का टिकट कटने की नाराजगी सपा के चुनाव परिणाम पर पड़ी और सपा 74801 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रही जबकि आर के पटेल 76007 वोट पाकर पहले नंबर रहे और विधायक बन गये। बसपा ने ब्राह्मण कार्ड खेला था लेकिन असर विहीन रहा बसपा 32783 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रही। 
371 जफराबाद विधान सभा से सपा गठबंधन ने सुभासपा के छड़ी से जन प्रिय नेता जगदीश नरायन राय को चुनाव मैदान में उतारा और भाजपा ने अपने विवादित विधायक हरेन्द्र प्रसाद सिंह पर दांव लगाया परिणाम स्वरूप जनता ने भाजपा को नकारते हुए सपा गठबंधन के प्रत्याशी जगदीश नारायन राय को 90620 वोट देते हुए जीता दिया और अपना जन प्रतिनिध चुना और भाजपा के हरेन्द्र प्रसाद सिंह 84328 वोटो के साथ दूसरे स्थान पर रहे। यहां बसपा को 35234 वोट मिला है। 372 केराकत सु विधान सभा के चुनाव की भी कहांनी खास है यहां से सपा ने पूर्व सांसद तुफानी सरोज को मैदान में उतारा भाजपा ने अपने विधायक दिनेश चौधरी पर भरोसा किया तो बसपा ने डाॅ लालबहादुर सिद्धार्थ को चुनाव लड़ाया। यहां पर डाॅ सिद्धार्थ की पत्नी खुद डाॅ सिद्धार्थ को हराने के लिए भाजपा प्रत्याशी के साथ खड़ी हो गयी और जम कर प्रचार किया। इतना ही नहीं हराने का संकल्प लिया और सफल भी रही। विरोध का असर रहा कि जनता सपा के साथ चली गयी और तुफानी सरोज 94022 वोटो के साथ विजयी रहे और भाजपा के दिनेश चौधरी 84178 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे जबकि डाॅ लालबहादुर सिद्धार्थ पत्नी के कड़े विरोध के चलते 51633 वोटो के साथ तीसरे स्थान पर डटे रहे। इस तरह चुनाव परिणाम साफ बता रहे है कि बसपा जनपद की सभी विधान सभाओ में तीसरे स्थान पर रही है। 

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