आइए जानते है बीएचयू के चिकित्सक ने कैसे दिया चार माह के नवजात दिव्यांश को नया जीवन

 

जौनपुर। चार माह के नवजात का निजी अंग कुत्ते ने काट लिया था। जिसकी वजह से उसका मूत्र मार्ग बंद हो गया था। बीएचयू के चिकित्सकों ने यूरेथ्रोप्लास्टी से मूत्र मार्ग बनाकर नवजात को नया जीवन दिया। बाल शल्य विभाग की टीम ने करीब तीन घंटे में सफलता हासिल की। फिलहाल नवजात स्वस्थ है। उसे बाल शल्य विभाग के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। तीन से चार दिन उसे चिकित्सकों की देखरेख रखा जाएगा। इसके बाद आगे निर्णय लिया जाएगा। 
खबर है कि सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के देवकली (कुकुड़ीपुर) गांव निवासी इंद्रजीत उर्फ चिंटू यादव के चार माह के बेटे दिव्यांश पर सोमवार को कुत्ते ने अकेला पा कर चार माह के शिशु पर घातक हमला किया और निजी अंग को काट कर खा लिया था जिससे काफी खून निकल रहा था। आननफानन उसे जौनपुर के जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां से उसे बीएचयू रेफर कर दिया गया।आईएमएस बीएचयू के बाल शल्य विभाग में अध्यक्ष डॉ. वैभव पांडेय ने बच्चे को भर्ती कर सर्जरी का फैसला लिया। 
डॉ. वैभव पांडेय भी बच्चे की हालत देख हतप्रभ रह गए। उनका कहना है कि वैसे तो बहुत से बच्चों की जांच और सर्जरी की है, लेकिन दिव्यांश का केस बीस साल में पहली बार देखा।ओटी में ले जाने पर पता चला कि उसका अंडकोश बाहर आ गया है और लिंग पूरी तरह से कुत्ते ने काट लिया था। मूत्र का मार्ग भी नहीं था। लिंग के आसपास जो थोड़ी बहुत चमड़ी थी, उससे मूत्र मार्ग बनाया गया। आगे चलकर बच्चे की और भी सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। 
यह सर्जरी एक ऐसी शल्य चिकित्सा है, जिसमें मूत्र नलिका की रुकावट को सही किया जाता है। डॉ. वैभव पांडेय के अनुसार, सर्जरी के बाद आगे चलकर मूत्र प्रवाह में सुधार होने की संभावना अधिक रहती है। शल्य की इस टीम में डॉ. सुनील, डॉ. रजत और डॉ. श्वेता शामिल थे। 

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