यूपी विधान सभा और विधान परिषद में नियुक्तियों पर जानें सुप्रीम कोर्ट ने क्यों लगाई रोक क्या है फर्जीवाड़ा

यूपी विधानसभा व विधान परिषद में हुई नियुक्तियों की सीबीआई जांच पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। यूपी विधान परिषद की स्पेशल अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला दिया है। आगे की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में होगी।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट के आदेश पर विधानसभा और विधान परिषद सचिवालय में हुई भर्तियों में फर्जीवाड़े की जांच सीबीआई कर रही थी। बता दें कि विधानसभा और विधान परिषद सचिवालय में हुई भर्तियों की जांच करने के लिए सीबीआई ने 22 सितंबर को प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज की थी। तत्पश्चात दोनों सचिवालय के प्रमुख सचिव से भर्तियों से जुड़े दस्तावेज भी मांगे थे। 
सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच ने चयनित अभ्यर्थियों के शैक्षणिक दस्तावेज, परीक्षा की ओएमआर शीट, परीक्षा कराने वाली एजेंसी के चयन की प्रक्रिया, शासनादेश, भर्तियों के लिए जारी किये गये विज्ञापन समेत कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। सूत्रों के मुताबिक विधान परिषद सचिवालय के अधिकारी दस्तावेज देने में लगातार आनाकानी कर रहे थे। कभी अधिकारियों के अवकाश पर होने, तो कभी बीमार होने का बहाना बनाकर टरकाया जा रहा था। 

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