मतगणना स्थल पर ईवीएम मशीन को लेकर हंगामा करने वाले दो सपाई सहित 50 के खिलाफ एफआईआर


सवाल:घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कौन सी कार्रवाई जिला प्रशासन ने किया?

जौनपुर। जनपद में बीते 25 मई को मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जौनपुर लोकसभा क्षेत्र स्थित मुंगराबादशाहपुर विधानसभा एक डीसीएम पर लदी ईवीएम मशीन मतगणना स्थल पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर मे पहुंचने पर ईवीएम लदी डीसीएम को रोककर शनिवार को सपा कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया था। जिसको लेकर पुलिस ने दो नामजद व 50 अज्ञात के खिलाफ धारा 143 व 188 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक सरकारी काम में बाधा उत्पन्न करने को लेकर कार्रवाई की गई है। पहले से धारा 144 लागू होने के कारण इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ने सचेत किया था।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में बने मतगणना स्थल पर शनिवार की शाम जौनपुर लोकसभा का मतदान खत्म होने के बाद मुंगराबादशाहपुर के लिए रिजर्व ईवीएम लदी डीसीएम मतगणना स्थल पर पहुंच गई थी। इसके बाद सपा कार्यकर्ताओं ने डीसीएम को रोककर हंगामा शुरू कर दिया। उस समय जिलाधिकारी ने मीडिया में बयान दिया था कि ईवीएम को निजी वाहन से कलेक्ट्रेट पहुंचाया जाना था। संबंधित अधिकारी की ड्यूटी में लापरवाही के चलते ईवीएम कलेक्ट्रेट के बजाय पूर्वांचल विश्वविद्यालय में बने मतगणना स्थल पर पहुंच गई थी। 
मतगणना स्थल के बाहर ही सपा कार्यकर्ताओं ने गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया था। सपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि ईवीएम में गड़बड़ी करने को लेकर इस प्रकार का कृत्य किया गया है। जानकारी के तुरंत बाद जिलाधिकारी व एसपी समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचकर सपा कार्यकर्ताओं को समझाने में जुट गए। 
सपा प्रत्याशी बाबू सिंह कुशवाहा ने अपने कार्यकर्ताओं को समझाया और हंगामा न करने का आग्रह किया था। पुलिस के मुताबिक जिले में धारा 144 लागू होने के कारण शांति व्यवस्था व सरकारी काम में बाधा उत्पन्न करने को लेकर सभासद जगदीश मौर्य उर्फ गप्पू निवासी कोतवाली, रमेश मौर्य निवासी सरायख्वाजा व 50 अज्ञात पर सरायख्वाजा में मुकदमा दर्ज किया गया। 
इस संदर्भ में सीओ सदर परमानंद कुशवाहा का बयान है कि प्राइवेट वाहन में लदे ईवीएम को रोककर झूठी अफवाह फैलाने व सरकारी काम में बाधा उत्पन्न करने को लेकर यह कार्रवाई की गई है। इसमें दो नामजद व 50 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश भी दी जा रही है।
 सपा के जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य का आरोप है कि सरकार के दबाव में पुलिस ने फर्जी मुकदमा सपा के कार्यकर्ताओं पर लगाया गया है। हमारी मांग है कि प्रशासन इस मुकदमें को वापस ले। आगे हम सभी चुनाव आयोग तक जाएंगे। अपने कार्यकर्ताओं के लिए खड़े होंगे जितनी भी लड़ाई लड़नी होगी लड़ा जायेगा।
जिला प्रशासन द्वारा सपा के कार्यकर्त्ताओ पर मुकदमा दर्ज कराने के बाद एक सवाल खड़ा होता है कि डीएम के बयान के मुताबिक तहसीलदार मछलीशहर की लापरवाही से ईवीएम मशीन मतगणना स्थल पर पहुंच गई थी जिस अधिकारी से लापरवाही हुई और हंगामा हुआ उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। घटना के लिए तो वह अधिकारी भी तो जिम्मेदार है जो ईवीएम लदे बाहन को लेकर मतगणना स्थल पहुंचा था इसलिए वह भी उतना ही जिम्मेदार है जितना सपा के कार्यकर्ता तो प्रशासन के स्तर से केवल सपा जनों ही कार्यवाई क्यों ? तहसीलदार को कलेक्ट्रेट परिसर का पता क्या नहीं पता था।

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