पेन्सन के नियमों में बदलावकेन्द्रीय कर्मचारियों को लाभ मिलने का सरकार का दवा



केंद्रीय कर्मचारियों के बड़ी खबर है। सरकार की तरफ से अब पारिवारिक पेंशन के नियमों में अहम बदलाव किया गया है। एक बयान जारी कर सरकार ने इसकी जानकारी दी। बदले हुए पेंशन नियम के बाद अब कर्मचारियों के परिजनों के लाभ का दायरा बढ़ गया है। सरकार के इस फैसले से लाखों कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
सरकार ने एक दूसरे फैसले में दिव्यांग पेंशनभोगियों के सहायकों के लिए परिचारक भत्ते में बढोत्तरी की है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को बताया कि तलाक की याचिका लंबित रहने के दौरान भी दिवंगत केंद्रीय कर्मचारी की बेटी अब पारिवारिक पेंशन पाने की अधिकारी है।
कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी बयान में जितेंद्र सिंह के हवाले से कहा गया है कि पारिवारिक पेंशन पाने के लिए तलाकशुदा बेटियों के लिए नियमों में ढील दी गई है। अब बेटी तब भी पारिवारिक पेंशन पाने की अधिकारी होगी अगर उसका अंतिम रूप से तलाक नहीं हुआ है, लेकिन उसने अपने कर्मचारी माता या पिता के जीवनकाल में ही तलाक याचिका दाखिल कर दी थी।
पहले जो नियम था उसमें तलाकशुदा बेटी को तभी पारिवारिक पेंशन पाने का हक था जब उसने अपने कर्मचारी माता या पिता के जीवनकाल में ही तलाक ले लिया हो। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि दिव्यांग बच्चों या भाई-बहन को पारिवारिक पेंशन प्रदान करने के लिए भी निर्देश जारी किया गया है। अब दिव्यांगता प्रमाण पत्र अगर पेंशनभोगी माता या पिता की मौत के बाद भी प्रस्तुत किया जाता है तो वे पेंशन पाने के अधिकारी होंगे बशर्ते दिव्यांगता माता-पिता के जीवनकाल में हुई हो।
दिव्यांग पेंशनभोगियों के सहायकों को मिलने परिचारक भत्तें को बढ़ा दिया है। अब भत्ता 4,500 रुपये से बढ़ाकर 6,700 रुपये कर दिया गया है। सेवानिवृत्ति के बाद अपने बच्चों के साथ विदेश में जाकर रह रहे वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारतीय दूतावासों, वाणिज्य दूतावासों और उच्चायोगों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वहीं उन्हें जीवित होने का प्रमाणपत्र उपलब्ध कराएं और पारिवारिक पेंशन शुरू कराएं।
पेंशन वितरित करने वाले सभी बैंकों को भी आदेश दिया गया है कि बैंक आने में असमर्थ पेंशनभोगियों को घर पर ही जीवित होने का प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाए।

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