लखीमपुर जा रही प्रियंका की गिरफ्तारी को मानवाधिकार ने लिया संज्ञान,पुलिस जनों पर केश दर्ज

यूपी के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के पीड़ित परिवारों से मिलने जा रही कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी को रोकना पुलिस के लिए महंगा साबित हो गया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उन पुलिस वालों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिन्होंने रात के समय बिना किसी वारंट के प्रियंका गांधी को गिरफ्तार किया था। राजस्थान के बूंदी निवासी कांग्रेसी कार्यकर्ता चर्मेश शर्मा ने 6 अक्टूबर को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को शिकायत भेजी थी। इस पर आयोग ने 31 अक्टूबर की शाम को केस दर्ज कर लिया।
चर्मेश शर्मा ने भेजी थी यह शिकायत
बूंदी निवासी चर्मेश शर्मा ने अपनी शिकायत में लिखा कि यूपी पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट और भारतीय संविधान की ओर से महिलाओं को प्रदान किए गए विशेष अधिकारों का हनन किया है। सीआरपीसी की धारा 46 के अनुसार, किसी भी महिला को पुलिस द्वारा संध्या के समय के बाद से लेकर सुर्योदय तक गिरफ्तार नहीं किया जा सकता और ना ही हिरासत में लिया जा सकता है। अगर विशेष परिस्थितियों में गिरफ्तार करना पड़े तो न्यायालय के मजिस्ट्रेट द्वारा जारी वारंट का होना अनिवार्य है। इसके बावजूद भी प्रियंका गांधी को बिना किसी वारंट के रात के समय गिरफ्तार किया गया।
रविवार 3 अक्टूबर को प्रियंका गांधी जा रही थी पीड़ितों से मिलने
दरअसल प्रियंका गांधी 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में पीड़ित परिवारों से मिलने जा रही थी। धारा 144 लगी होने के कारण यूपी पुलिस ने प्रियंका गांधी को रोक दिया। 30 घंटे पुलिस हिरासत में रखने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। इस गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस ने देशभर में विरोध प्रदर्शन किया था।

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