लेखपाल की वजह से अधिकारियों के सामने किसान आत्महत्या के लिए हुआ विवश,जानें कारण


संपूर्ण समाधान दिवस में सोमवार को विधायक रवींदनाथ त्रिपाठी, डीएम आर्यका अखौरी और एसपी डा. अनिल कुमार के सामने किसान ने आत्मदाह करने का प्रयास किया। मौके पर पहुंचे अधिवक्ताओं ने उसके हाथ से माचिस छीन लिया। इस बीच अफरा-तफरी मच गई। पुलिस उसे डीएम के सामने ले गई जहां वह पूरी घटना की जानकारी दी। 

मामले की जानकारी होने के बाद पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन फानन अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेने के साथ ही प्रकरण की जांच भी शुरू करने के साथ पीड़‍ित को न्‍याय दिलाने का आश्‍वासन दिया। दूसरी ओर परिसर में आत्‍मदाह करने के प्रयास का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। कुछ देर तक तो लोगों को कुछ समझ में नहीं आया लेकिन पूरी तरह मामला स्‍पष्‍ट होने और अधिकारियों के संज्ञान में लेने के बाद आनन फानन आरोपित लेखपाल के खिलाफ जांच की प्रक्रिया शुरू करने के आश्‍वासन के बाद प्रकरण का पटाक्षेप हो सका।  

वहीं आत्‍मदाह का प्रयास करने वाले पीड़‍ित ने आरोप लगाया कि रघुनाथपुर अमरौना गांव के पूर्व एवं वर्तमान प्रधान के साजिश में आकर गांव के दलितों ने उसकी भूमि पर कब्जा लिया है। छह साल से वह भूमिधरी जमीन को खाली कराने के लिए वह तहसील में चक्कर काट रहा है। क्षेत्रीय लेखपाल राकेश यादव 40 हजार रुपये खाली करने के नाम पर मांग रहा है। जब वह अपने खेत में जाते हैं तो पूर्व प्रधान के इशारे पर दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी जाती है। उसके पिता पर भी फर्जी तरीके से गुंडा एक्ट की कार्रवाई कराई जा चुकी है।

भदोही में लेखपाल पर 40 हजार रुपया सुविधा शुल्क मांगने का आरोप लगाकर युवक ने आत्महत्या का प्रयास किया तो मामले की जानकारी उच्‍च अधिकारियों ने भी ली। बताया गया कि भदोही तहसील क्षेत्र के मर्दनपुर गांव में खेत पर अतिक्रमण की शिकायत लेकर का लेखपाल के पास युवक गया था जहां उससे 40000 रुपये की डिमांड की गई।

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