वृक्षारोपण समिति की समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव का निर्देश लापरवाही होने पर होगी कार्रवाई


समीक्षा बैठक में जिले के आला अधिकारी मौजूद,विभाग वार तय हुआ लक्ष्य 

जौनपुर। जनपद के नोडल अधिकारी एवं प्रमुख सचिव, प्रशासनिक सुधार विभाग एवं लोक सेवक प्रबन्धक विभाग, उत्तर प्रदेश के0 रविन्द्र नायक ने जनपद भ्रमण के दौरान कलेक्ट्रेट सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक किया। बैठक में प्रमुख सचिव ने समस्त नामित अधिकारी/कर्मचारियों को निर्देशित किया कि उक्त कार्यक्रम शासन की प्राथमिकताओं में से एक है इसमें किसी प्रकार की शिथिलता/लापरवाही न बरती जाये। उन्होंने विभागवार दिए गए लक्ष्यों की समीक्षा की। 
प्रमुख सचिव ने कहा विगत वित्तीय वर्ष में जितने पौधे लगाए गए थे उसमें पानी की जिम्मेदारी किसकी तय की गई थी और जिसकी जिम्मेदारी तय की गई थी तो पौधे क्यों सूखे और उस जिम्मेदारी को क्यों नहीं निभाया गया, उसको स्पष्टीकरण दिया जाए। उन्होंने कहा वन महोत्सव को जन आंदोलन के रूप में प्रत्येक जनपद में मनाए जाने का कार्य चल रहा है जिसमें 1 जुलाई से 7 जुलाई तक यह अभियान विशेष रूप से चलाया जा रहा है, जिसमें 5 जुलाई को जनपद में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण किया जाएगा। प्रमुख सचिव ने कहा कि जिन विभागों को वन विभाग द्वारा जो लक्ष्य दिया गया है उसके सापेक्ष पौधरोपण करें। जिन स्थानों पर गड्ढा खुदाई का कार्य किया गया है उन सभी की जियो टैगिंग की जाए। कोई भी विभाग वृक्षारोपण में अपनी उदासीनता न दिखाएं। कार्य को प्राथमिकता के आधार पर करें।   
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा द्वारा नोडल अधिकारी को अवगत कराया कि पौधरोपण जन आन्दोलन को प्रभावी बनाये जाने हेतु विकास खण्डवार/ग्रामवार जोनल मजिस्ट्रेट/सेक्टर मजिस्ट्रेट नामित किया गया है और आवंटित विकास खण्ड एवं ग्राम पंचायतों में अपने जोनल/सेक्टर अपनी देख-रेख में पौधरोपण कार्य शत-प्रतिशत करायेंगे और प्रत्येक घण्टे पर पौधरोपण की प्रगति रिपोर्ट कन्ट्रोल रुम के मोबाइल नम्बर 9721184651, 9807582752 पर उपलब्ध करायेंगे।
जनपद में 5312072 लाख पौधरोपण किया जाना है, जिसमे 24 विभागों को उनके लक्ष्य के बारे में बताया गया। इनमें ग्राम्य विकास विभाग (5150120), राजस्व विभाग (243320), पर्यावरण विभाग (234416), जलशक्ति विभाग (8400), पंचायतीराज विभाग (243320), औद्योगित विकास (2800), नगर विकास (23660), लोक निर्माण (8400), रेशम विभाग (25350),  कृषि विभाग (412300), पशुपालन विभाग (6300), सहकारिता विभाग (9800),  उद्योग विभाग (7700), विद्युत/ऊर्जा विभाग (3780), माध्यमिक शिक्षा (10360), बेसिक शिक्षा (11200), प्रावधिक शिक्षा (5600), उच्च शिक्षा (21420), श्रम विभाग (2520), स्वास्थ्य विभाग (7560), परिवहन विभाग (2520), रेलवे विभाग (15260), उद्यान विभाग (269780), पुलिस/गृह विभाग (6300), वन विभाग (1579886) कुल 5312072 शामिल है। प्रमुख सचिव ने  जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि पिछली बार आवास के लाभार्थियों को सहजन के वृक्ष दिए गए थे, बचे है कि नही उसकी जांच करे।  बीएसए को निर्देश दिया कि जनपद के सभी शिक्षकों को 01-01 वृक्ष दिए जाएं और जिम्मेदारी तय की जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि सीएचसी, पीएचसी एवं सब सेंटर पर वृक्ष पर छायादार लगाए जाएं। 
जिलाधिकारी ने समस्त उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार को जनपद में नगर वन/नगर वाटिका, नदियों के किनारे एवं अन्य स्थलों पर वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए। उन्होने वृक्षारोपण के लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वृक्षारोपण से सामान्य जन एवं वन्य जीवों को फल, भोजन, लकड़ी, शुद्ध हवा आदि प्राप्त होती है। वातावरण का प्रदूषण एवं तापमान कम रहता है तथा मिट्टी क्षरण एवं प्रदूषण भी नियन्त्रित होता है। 
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी साईं तेजा सीलम, अपर जिलाधिकारी/मुख्य राजस्व अधिकारी रजनीश राय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० लक्ष्मी सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल, जिला विकास अधिकारी बी०बी० सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम दरश यादव, प्रभागीय वनाधिकारी प्रवीण खरे, जिला सूचना अधिकारी मनोकामना राय, उपयुक्त मनरेगा भूपेन्द्र सिंह, डीडीएजी जय प्रकाश, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ० गोरखनाथ पटेल, उपयुक्त उद्योग हर्ष प्रताप सिंह, जिला पंचायत राज्य अधिकारी संतोष कुमार, जिला सेवायोजन अधिकारी राजीव सिंह, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी दिव्या शुक्ला, जिला पिछड़ा वर्ग अधिकारी सुरेश मौर्य, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनील कुमार, जिला सूचना पर्यटन अधिकारी मीनाक्षी, पी०ओ० डूडा उपस्थित रहे।

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