आजमगढ़ राज्य विश्वविद्यालय स्थापित होने से,पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जानें कितने महाविद्यालय होंगे सम्बद्ध



मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी परियोजना में शामिल आजमगढ़ राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना तहसील सदर के यशपालपुर-आजमबांध पर अधिग्रहित 50 एकड़ भूमि में होनी है। 1.85 अरब की इस परियोजना का शिलान्यास 13 नवंबर को प्रस्तावित होने का संकेत मिलते ही प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने मातहतों संग मौके का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दे चुके हैं। कार्यक्रम में सीएम संग केंद्रीय गृहमंत्री के पहुंचने के सियासी मायने लगाए जाने लगे हैं।अमित शाह इन दिनों उत्तर प्रदेश को चुनावी दृष्टकोण से मंथन कर रहे हैं। चूंकि मोदी लहर में भी सपा अपने गढ़ काे बचाने में सफल रही थी, लिहाजा छात्र-छात्राओं के भविष्य से जुड़े राज्य विश्वविद्यालय का शिलान्यास अमित शाह के हाथों होना अहम माना जा रहा है। विश्वविद्यालय से संबद्ध 352 कालेजों में मऊ के शामिल होने से दो जिलों को सीधा लाभ पहुंचेगा। शुरुआती दिनों में विश्वविद्यालय के लिए भूमि अधिग्रहित करने में फंस रही पेंच के कारण कई तरह के सवाल उठ रहे थे। हालांकि, मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी से संशय के बादल न सिर्फ छंटते गए, बल्कि शिलान्यास का वक्त भी आ पहुंचा।
जनपदवासियों की मांग पर उच्च शिक्षा की जरूरत को महसूस करते हुए मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ ने राज्य विश्वविद्यालय की मंजूरी दी। 1.85 अरब की लागत से बनने वाले राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना हो जाने के बाद उच्च शिक्षा से जुड़ीं कई दुश्वारियां घटेंगी। नए-नए विषय की सुविधा मिलने से छात्र-छात्राओं को राहत मिलेगी। आजमगढ़ ही नहीं, मऊ के स्टूडेंट्स भी इस सुविधा से लाभान्वित होंगे। इससे कहीं न कहीं राेजगार के अवसर बढ़ने के रास्ते भी खुलेंगे।
।जिले की तहसील सदर के चंडेश्वर-कम्हरिया मार्ग स्थित ग्राम यशपालपुर-आजमबांध में राज्य विश्वविद्यालय स्थापना के लिए 50 एकड़ भूमि की शासन से मंजूरी मिली है। कैबिनेट में भूमि परिवर्तन की मंजूरी मिलने के बाद निर्माण का रास्ता प्रशस्त हो गया है। इसी के साथ निर्माण प्रक्रिया ने भी गति पकड़ ली है। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग खंड-5 ने मिट्टी की टेस्टिंग व फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट शासन को भेज दी है। शासन की मांग पर जिला प्रशासन ने बजट का प्रस्ताव भेजा है। शासन से प्रथम चरण की धनराशि एक करोड़ रुपये आवंटित भी हो चुका है।
आजमगढ़ व मऊ जिले मेें विभिन्न विषयों के अध्ययन के दृष्टिकोण से उच्च शिक्षा के ज्यादा विकल्प नहीं हैं। राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना से अनेक नए विषयों में संभावनाओं के नए द्वार खुलेंगे। उच्च शिक्षा पर होने वाला व्यय भार भी घटेगा। जनपद के छात्रों को जौनपुर तक की दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। कई मामलों में छोटी-छोटी त्रुटियां दुरुस्त कराने को स्नातक छात्रों को कई बार विश्वविद्यालय जाना पड़ता था। इससे उनका न सिर्फ समय जाया होता था, बल्कि जेब भी ढीली होती थी।
प्रथम चरण में लगभग 100 करोड़ रुपये से विश्वविद्यालय परिसर, प्रशासनिक और आवासीय भवन बनेंगे। विश्वविद्यालय परिसर तक जाने के लिए 16 करोड़ से तीन हेक्टेयर में एप्रोच मार्ग बनेगा। मुख्य गेट से विश्वविद्यालय परिसर तक जाने को 24 मीटर चौड़े 150 मीटर लंबे दो रास्ते होंगे। दोनों तरफ की अलग-अलग सड़कें 8.75 मीटर तो बीच में 2.50 मीटर का डिवाइडर बनाकर पाैधे रोपित किए जाएंगे। इसमें आठ करोड़ रुपये रास्ते के लिए किसानों से खरीदी जाने वाली जमीन का भी मूल्य शामिल है।
आजमगढ़ व मऊ जिले के कुल 352 कालेज पूर्वांचल विश्वविद्यालय से अलग होकर यहां से संबंद्ध होंगे। इसके बाद पूर्वांचल विश्वविद्यालय में गाजीपुर व जौनपुर के 453 कालेज शेष रह जाएंगे। पूर्वांचल विश्वविद्यालय में वर्तमान में जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, मऊ, प्रयागराज के कालेज संबद्ध हैं। यहां कुल 805 कालेजों में से आजमगढ़ के 211, गाजीपुर के 282, मऊ के 141, जौनपुर के 170, प्रयागराज हंडिया के एक कालेज संबद्ध है।

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