12 साल बेमिसालः अशोका इंस्टीट्यूट के कैंपस में अब शुरू होगा 'अशोका स्कूल आफ बिजनेसअमित मौर्य (वाइस चेयरमैन)



साल 2010, वो जुलाई का महीना था, जब बनारस के इतिहास में एक सजग, जिम्मेदार और समुद्र जैसी गहरी जिद के साथ अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी एंड मैनेजमेंट की शुरुआत हुई थी। तब उत्तर प्रदेश और बिहार के उन तमाम अभिभावकों को यकीन दिलाया गया था कि हम उनके बच्चों को खरा सोना बनाएंगे। ऐसा सोना जिसकी चमक और उसकी आभा समूची दुनियां को दिखे। यहां स्टूडेंट्स देश-विदेश में परचम फहराएं। पिछले 12 सालों तक खूब मेहनत की गयी। जिस सोच, परिकल्पना के आधार पर अशोका इंस्टीट्यूट की नींव रखी गयी थी, आज वह सफलता की नई इमारत गढ़ रहा है। अब सीना तानकर कहा जा सकता हैं कि पूर्वांचल और पश्चिमी बिहार के स्टूडेंट्स के लिए बनारस जैसा कोई शहर नहीं है।
अशोका इंस्टीट्यूट परिसर में एक नया कैंपस खुलने जा रहा है, 'अशोका स्कूल आफ बिजनेस'। इंजीनियरिंग, फार्मेसी और एमबीए की पढ़ाई से इतर अशोका स्कूल आफ बिजनेस में इसी साल शुरू होने जा रही है बीबीए और बीकाम की पढ़ाई। यह स्कूल अशोका इंस्टीट्यूट के परिसर में ही चलेगा, लेकिन अलग। समूची फैकेल्टी भी अलग होगी। नया कैंपस महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संबद्ध होगा। हमारी कोशिश होगी कि अगले साल हम यहां पत्रकारिता और कानून की पढ़ाई भी शुरू करें। अशोका का लक्ष्य है कि हम पूर्वांचल से उन स्टूडेंट्स का पलायन पूरी तरह रोक देना चाहते हैं, जो अच्छी पढ़ाई और बेहतरीन जाब की उम्मीद में साउथ और मेट्रो शहरों की तरफ भागते रहे हैं। इन स्टूडेंट्स का पलायन रोकने में हमने काफी हद तक कामयाबी पा ली है। इंजीनियरिंग और एमबीए की पढ़ाई के लिए अशोका इंस्टीट्यूट अब एक शानदार प्लेटफार्म है। ऐसा प्लेटफार्म जिससे पूर्वांचल के स्टूडेंट्स में भरोसा पैदा हुआ है कि अब बनारस में भी वैसा ही एजुकेशन मिलेगा, जैसा मेट्रो शहरों में मिला करता था। सबसे बड़ी बात यह है कि प्रकृति की गोद में बैठकर बेहतरीन शिक्षा और शानदार प्लेसमेंट देने में हम कामयाब हुए हैं। बनारस सहित पूर्वांचल भर के स्टूडेंट्स का महानगरों की ओर पलायन थमा तो वहीं उनकी पहली पसंद भी अशोका इंस्टीट्यूट रहा।  
हमारी कामयाबी का मंत्र भी यही है।  अशोका इंस्टीट्यूट हमेशा अभिभावकों के साथ हर कदम पर सहयात्री और सहभागी बनकर खड़ा रहा...स्टूडेंट्स को संवारता रहा। सबके स्नेह और समर्थन के बल पर अशोका इंस्टीट्यूट देश-प्रदेश की तरक्की और शैक्षणिक उत्थान में न सिर्फ सीढ़ी बना, बल्कि समाज को बदलने के लिए एक लहर...एक बड़ा वेग पैदा किया। नतीजा, सिर्फ देश ही नहीं, दुनिया भर में अशोका इंस्टीट्यूट के स्टूडेंट्स परचम फहरा रहे हैं।
बीते 12 साल की हमारी कोशिशों को सामने रखकर आप समीक्षा करें तो पाएंगे कि हमारा लक्ष्य था कि सिर्फ भारत ही नहीं, दुनिया भर में अशोका इंस्टीट्यूट के स्टूडेंट्स अपना नाम रौशन करें। इस लक्ष्य को हमने आसानी से पा लिया है। हमें गर्व है कि हमारी कोशिशें बाजारवाद और भीड़ से बिल्कुल अलग दिखीं। समूची दुनिया के सामने हम तस्दीक करने में सक्षम हो गए हैं कि स्टूडेंट्स के ज्ञान और कौशल को बढ़ाने के लिए हमने जो लक्ष्य तय किया था, उसे हमने कड़ी मेहनत और पक्का इरादे के दम पर हासिल किया है।  
नेपथ्य में जाएंगे तो पता चल जाएगा कि हमने उन तमाम स्टूडेंट्स को सफलता के शिखर तक पहुंचाया है जिन्होंने खेत-खलिहान से आगे का रास्ता नहीं देखा था। आंचलिक परिवेश के स्टूडेंट्स को अशोका इंस्टीट्यूट ने गढ़ा और खरा सोना बनाकर निकाला। हम स्टूडेंट्स की पढ़ाई के अलावा खेलकूद और मनोरंजन पर भी फोकस करते हैं। स्टूडेंट्स को अनुशासन के साथ हर दिशा में अव्वल बनाने के लिए हमारे यहां हाई क्वालीफाइड फैकल्टीज की पूरी टीम है, जो एडमिशन लेने वाले हर स्टूडेंट के अंदर छिपे टैलेंट को बाहर निकालने का काम करती है। हमने मेलबर्न यूनिवर्सिटी की तर्ज पर लाइब्रेरी विकसित की गई है, जो स्टूडेंट्स की कामयाबी के लिए मील का पत्थर साबित हो रही  है। 'अशोका इंस्टीट्यूट' स्टूडेंट्स के लिए ऐसा प्लेटफार्म है जो कामयाबी के साथ प्लेसमेंट की गारंटी भी देता है। स्टूडेंट्स और अभिभावकों को यकीन दिलाते हैं कि हम अपने मिशन से नहीं डिगेंगे। यह हमारा आपसे वादा है।
स्टूडेंट्स का पलायन रोकने और शैक्षणिक जड़ता व सामजिक संकुचन रोकने के लिए 'अशोका इंस्टीट्यूट' के साथ अब 'अशोका स्कूल आफ बिजनेस' को आप हमेशा अपने साथ खड़ा पाएंगे। हमने प्रण किया है कि हम सिर्फ स्टूडेंट्स को ही शिक्षित और प्रशिक्षत नहीं करेंगे, बल्कि सामाजिक कर्तव्यों के प्रति जनता को भी जागरूक बनाएंगे। हम आपको वचन देते हैं कि हमारा मिशन पूरी तरह पारदर्शी और पीएम नरेंद्र मोदीजी व सीएम योगी ने सपनों को पूरा करने वाला होगा। अशोका इंस्टीट्यूट के 12 साल का सफरनामा एक बड़े सपने के साकार होने जैसा है। आज यह इंस्टीट्यूट एक लंबी यात्रा के नए लक्ष्य के साथ नई मंजिल पर पहुंचने के लिए अग्रसर है। उम्मीद है कि आपका सहयोग, सुझाव और मार्गदर्शन हमेशा मिलता रहेगा।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट का ग्रामसभा की जमीन को लेकर डीएम जौनपुर को जानें क्या दिया आदेश

सिकरारा क्षेत्र से गायब हुई दो सगी बहने लखनऊ से हुई बरामद, जानें क्या है कहांनी

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने दबंगो के कब्जे से मुक्त करायी 30 करोड़ रुपए कीमत की सरकारी जमीन