जमीनी विवाद: एसपी सिटी और डीजीसी को लेकर गलत आरोप लगाने वालों पर एफआईआर दर्ज, जानें क्या है कहांनी


जौनपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जौनपुर ने कोतवाली थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर एसपी सिटी, डीजीसी फौजदारी व उप जिलाधिकारी सदर पर वसूली और दलाली का आरोप लगाने वाले सात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश थानाध्यक्ष कोतवाली को दिया। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि यदि घटना असत्य पाई जाती है तो वादिनी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
बता दें कि वादिनी सादिया निवासी बलोच टोला कोतवाली ने अपने अधिवक्ता उपेंद्र विक्रम सिंह के माध्यम से कोर्ट में 156-3 सीआरपीसी के तहत प्रार्थना पत्र दिया था। कहा कि आरोपी बाबू उर्फ अफरोज, हसरत, शादाब, जुबेर, अरशद, फरहज व सरताज के खिलाफ आरोपी गैंग बनाकर जमीनों की जालसाजी हेराफेरी करते हैं। वादिनी के हिस्से की जमीन हेराफेरी करके बेच दी। साथ ही मूल अभिलेखों में नाम चढ़वा लिया। आरोपी ने सोशल मीडिया का दुरुपयोग करते हुए फर्जी आईडी बनाकर जिलाधिकारी जौनपुर व अन्य लोगों को ट्वीट किया इसमें एसपी सिटी संजय, डीजीसी अनिल सिंह कप्तान, एसडीएम सदर रहे हिमांशु नागपाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी फोटो सोशल मीडिया पर दिखाकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। कहा कि इन लोगों ने आरोपी के प्रभाव में कार्य किया। डीजीसी अनिल सिंह कप्तान पर आरोप लगाया कि वह अपने को आरएसएस का आदमी बताकर जिले के अधिकारियों से धन वसूली करते हैं।
यह टिप्पणी 27 दिसंबर 2021 को सोशल मीडिया पर वायरल की गई। जिससे लोगों में विद्वेष व असंतोष फैला। वादिनी ने थाना व पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई तब उसने कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया गंभीर मामला पाते हुए प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।

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