भारतीय संस्कृति की रक्षा नारियां करती है, नारी सदैव पूज्या रही है - स्वामी जीतेन्द्रानन्द सरस्वती

जौनपुर।भारतीय सभ्यता संस्कृति एवं दर्शन के आधार पर ही संपूर्ण विश्व में शांति एवं सुरक्षा स्थिर रह सकती है। उक्त बातें अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री एवं गंगा सभा के महामंत्री परम पूज्य स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती  महाराज ने यमदग्निपुरम घाट स्थित छोटीकाशी पर आयोजित सुंदरकांड पाठ गायन के विश्राम समारोह में उपस्थित श्रद्धालु जनों को संबोधित करते हुए कहा है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की रक्षा नारियां करती हैं भारतीय संस्कृत में नारी सदैव पूज्या रही हैं। लव जिहाद विषय पर बोलते हुए स्वामी जी ने कहा कि हमें अपने कन्याओं को सावधान करने की आवश्यकता है और संस्कार प्रदान करने की आवश्यकता है। जेहादी एवं इस्लामिक षड़यंत्र से सावधान रहने की आवश्यकता है।


समापन समारोह के मुख्य अतिथि स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती जी महाराज ने सुंदरकांड की सभी समितियों को स्मृति चिन्ह एवं पुरस्कार प्रदान किया एवं आशीर्वाद दिया।आयोजन के विशिष्ट अतिथि राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उत्तर प्रदेश सरकार माननीय गिरीश चंद्र यादव जी ने ऐसे धार्मिक आयोजन की निरंतरता पर बल दिया।विशिष्ट अतिथि आलोक हॉस्पिटल वाराणसी के प्रबंधक डॉ आलोक कुमार सिंह जी ने उपस्थित श्रोताओं को श्री सुंदरकांड की महिमा का महत्व बताते हुए जीवन में उतारने पर बल दिया।विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए सिंगरामऊ राज परिवार की महारानी डॉक्टर श्रीमती अंजू सिंह जी ने कहा कि सुंदरकांड हमें मनुष्य जीवन के सभी आयाम का दर्शन कराती है ,जीवन के सभी व्यवहारिक पहलू को सिखाती है ।समय प्रबंधन सिखाती है एवं संकट आने पर संकट से निपटने की कला भी सिखाती है।
अध्यक्षीय उद्बोधन में बोलते हुए लोक सेवा आयोग के सदस्य अंतर्राष्ट्रीय समाजशास्त्री प्रोफेसर आरएन त्रिपाठी जी ने सुंदरकांड का मानव जीवन में क्या महत्व है इस पर विस्तार से बताया।आयोजन का सफल संचालन उपाध्यक्ष डॉ ब्रह्मेश शुक्ल एवं प्रख्यात कथावाचक डॉ रजनी कांत द्विवेदी जी ने किया।इस अवसर पर बद्रीनाथ केदारनाथ लोगों के डिजाइनर कलाविद श्रीमान रविकांत जायसवाल जी का  अभिनंदन किया गया।
श्री सुंदरकांड पाठ गायन समारोह में जनपद की नौ सुंदरकांड समितियों ने प्रतिभाग किया था। जिसमें यमदग्निपुरम् विद्वत समिति द्वारा आयोजित श्री सुंदरकांड पाठ गायन समारोह में प्रथम स्थान राघवेंद्र सेवा मंच मडियाहू की समिति ने प्राप्त किया,द्वितीय स्थान जय श्री राधे सुंदरकांड समिति कन्हईपुर ने प्राप्त किया,तृतीय स्थान श्री रामचरित मानस मंडल पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने प्राप्त किया।
समारोह को सफल बनाने में यमदग्निपुरम् विद्वत समिति के प्रबंधक सचिव मनोज कुमार तिवारी ,कोषाध्यक्ष संतोष त्रिपाठी, सदस्य डॉक्टर सरला त्रिपाठी, दीपिका तिवारी, डॉ अनीता त्रिपाठी ,पंडित अंजनी कुमार मिश्र ,डॉक्टर कीर्ति सिंह माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह, सुशील कुमार सिंह , शिवांश त्रिपाठी, पंडित आनंद देव तिवारी, शनी शर्मा भट्ट, पंडित जटाशंकर त्रिपाठी, शिवेश त्रिपाठी,बृजेश पांडे, आशीष तिवारी सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने अपना योगदान दिया।

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