आईएएस अधिकारी पद से अभिषेक सिंह के इस्तीफ़े के बाद अटकलो का दौर शुरू, आखिर अब करेंगे क्या ?

जौनपुर। जनपद जौनपुर मूल के निवासी अभिषेक सिंह का भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद अब अटकलो का बाजार जनपद जौनपुर में गरम है कि आखिर आगे आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह क्या करेंगे इस पर सभी की नजर टिक गई है। चर्चा  हो रही है कि अभिषेक सिंह लोकसभा चुनाव में सियासी मैदान में उतर सकते हैं। अभिषेक भाजपा के टिकट पर जौनपुर से किस्मत आजमा सकते हैं। वहीं अटकलें लगाई जा रही है कि मॉडलिंग के शौकीन अभिषेक सिंह फिल्मों में अभिनय कर सकते हैं।
यहां बता दें कि विगत फरवरी महीने से निलंबित चल रहे अभिषेक सिंह राजस्व परिषद से संबद्ध थे। उनकी पत्नी दुर्गाशक्ति नागपाल वर्तमान में बांदा की जिलाधिकारी हैं। लंबे समय से बिना पद के रह रहे अभिषेक ने गत 03 अक्टूबर 23 को आईएएस से इस्तीफा दे दिया है। अभिषेक ने गत दिनों जौनपुर में गणेशोत्सव का आयोजन भी किया था, जिसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी भी शामिल हुए थे। इन कार्यक्रम में फिल्म की दुनिया से जुड़े लोग भी शामिल हुए थे। अब अभिषेक के इस्तीफे के बाद चर्चा का बाजार गर्म हो गया है कि अभिषेक राजनीतिक पारी की शुरुआत करेंगे। लोकसभा चुनाव में भाजपा को जौनपुर से मजबूत प्रत्याशी की तलाश भी है। अभिषेक सिंह के पिता कृपाशंकर सिंह भी सेवानिवृत्त आईपीएस हैं। वहीं अभिषेक के करीबी कुछ लोगों का कहना है कि वह एक फिल्म पर काम कर रहे हैं, यदि राजनीति में उतरने का दांव नहीं चला तो वह फिल्मों में अभिनय कर सकते हैं। वह म्यूजिक एलबम के एक गाने में नजर भी आए थे। 
जौनपुर संसदीय क्षेत्र ठाकुर और यादव बिरादरी के लिए मुफीद है। अब तक वहां से अधिकांश सांसद इन्हीं दो समाज से रहे हैं। भाजपा से राजकेसर सिंह, स्वामी चिन्मयानंद और कृष्ण प्रताप सिंह भी जौनपुर से सांसद रहे हैं। 2019 में भाजपा इस सीट पर चुनाव हार गई थी, वर्तमान में बसपा के श्याम सिंह यादव सांसद हैं। हलांकि गणेश उत्सव के दौरान ही कयास लगने लगे थे कि अभिषेक चुनाव लड़ने के लिए अपनी पहंचान बढ़ाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किये है।हलांकि गणेश उत्सव में फिल्म की डान्सरो द्वारा अश्लील और फूहड़ गानो की प्रस्तुति से आयोजक अभिषेक सिंह की खासी किरकिरी हुई थी। जनपद में इस बात की भी चर्चा है कि जौनपुर की सियासत समझना अभिषेक के लिए अभी टेढ़ी खीर है। राजनीति में अभी कोई खास पकड़ नहीं है।हां गणेश उत्सव कार्यक्रम के बाद चर्चा में आये जरूर लेकिन जिले की आवाम एक नेता के रूप नहीं देख रही है। क्या होगा अंजाम खुदा जानें लेकिन चर्चायें तो हो रही है।

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