जानिए आखिर चकबन्दी विभाग के छह कर्मचारीगण क्यों हुए निलंबित और एक अधिकारी हुआ बर्खास्त


कौशांबी तिहरे हत्याकांड की वजह बने पट्टे की भूमि के विवाद में लापरवाही पर सरकार ने चकबंदी अधिकारी सहित छह कार्मिकों को निलंबित किया है। चकबंदी अधिकारी देवराज सिंह को बर्खास्त किया है। भूमि विवाद के निस्तारण में लापरवाही और मिलीभगत में योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत प्रदेश भर में अलग-अलग स्थानों पर करीब एक दर्जन से अधिक चकबंदी कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई की है।
चकबंदी अधिकारी जीएस नवीन कुमार ने बताया कि कौशांबी में तिहरे हत्याकांड में पट्टे की भूमि विवाद में लापरवाही पर चकबंदी अधिकारी मिथिलेश कुमार, सहायक चकबंदी अधिकारी अफजाल अहमद खां, चकबंदी लेखपाल शिवेश सिंह, शीलवंत सिंह, रवि किरन सिंह और चकबंदीकर्ता राम आसरे को निलंबित किया है। वहीं अनियमितता एवं अनुशासनहीनता पर चकबंदी अधिकारी देवराज सिंह की सेवा समाप्त की गई है।
एक दर्जन से अधिक पर हुई कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 16 सितंबर को एनेक्सी में राजस्व की समीक्षा बैठक में लापरवाही और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। बीते एक महीने में कुल एक दर्जन कार्मिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि अभी और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है।
एटा के सहायक चकबंदी अधिकारी सतीश कुमार को पदावन्नत करते हुए मूल वेतन पर नियुक्त किया है। इसी तरह चकबंदी योजना तैयार करने में नियमों का उल्लघंन करने एवं लापरवाही पर शामली के सहायक चकबंदी अधिकारी अनंगपाल सिंह और हरदोई के सहायक चकबंदी अधिकारी गजराज को निलंबित किया है।
चकबंदी में गड़बड़ी की शिकायत पर मऊ के चकबंदीकर्ता तथा चकबंदी लेखपाल को निलंबित किया है। वहीं बस्ती के चकबंदी अधिकारी शरदचन्द्र यादव और हरदोई के चकबंदी अधिकारी प्रेम प्रकाश भारती के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की है। गोरखपुर के सेवानिवृत्त बंदोबस्त अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
इनके खिलाफ भी हुई सख्त कार्रवाई
चकबंदी आयुक्त ने बताया कि प्रतापगढ़ के शिवरा गांव में चकबंदी में लापरवाही की शिकायत मिली थी। मामले की जांच के बाद चकबन्दी अधिकारी ओमकार शरण सिंह के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई शुरु की गई है। जौनपुर के उप संचालक चकबंदी अधिकारी सोमनाथ मिश्र को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तत्कालीन बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी शीतलेंद्र सिंह के खिलाफ भी अनुशासनिक कार्रवाई के लिए शासन से अनुमति मांगी है।
उन्होंने बताया कि बीते एक महीने में अनुशासनहीनता के आरोप में चकबंदी अधिकारी सुनील अग्रवाल, धीरेन्द्रजीत सिंह और रामकिशोर सिंह को निलंबित किया है। धीरेंद्रजीत सिंह के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है। अच्छेलाल, कल्याण प्रताप सिंह, रमेश बाबू, ललित कुमार के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। इतना ही नहीं बरेली के सहायक चकबंदी अधिकारी सुनील कुमार, कौशांबी के सहायक चकबंदी अधिकारी अशोक कुमार लाल के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।

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