मुकदमा वादी को पक्षद्रोही होने के बाद भी अन्य साक्ष्यो के आधार बलात्कारी को मिली 20 साल की कारावास की सजा

जौनपुर। नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में दोषसिद्ध होने पर अपर सत्र  न्यायाधीश पॉक्सो काशी प्रसाद सिंह यादव  ने आरोपी युवक को 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 20 हजार रूपये अर्थ दंड की सजा से दंडित किया है। अभियोजन पक्ष के कथानक के अनुसार सरायख्वाजा थाना क्षेत्र निवासी महिला ने थाने में अभियोग पंजीकृत करवाया था कि 8 जुलाई 23 को उसकी नाबालिग पुत्री को राहुल गौतम नामक दरिन्दा निवासी हमजापुर थाना सरायख्वाजा शारीरक सम्बन्ध बनाने की नीयत से भगा ले गया। 9 जुलाई 2023 को पीड़िता लड़की बरामद हो गई और शिकारपुर चौकी इंचार्ज विवेचक गिरीश चंद्र मिश्र द्वारा उसका मेडिकल परीक्षण करवाकर विवेचना की गई और अभियोग पत्र न्यायालय भेजा गया न्यायालय में जिरह के दौरान पीड़िता एवं उसकी मां अपने पूर्व के बयान से मुकर गई। वादिनी ने कहा कि वह पढ़ी-लिखी नहीं है। किसी अनजान व्यक्ति ने तहरीर लिख कर दी थी उसमें क्या लिखा था उसकी जानकारी उसे नहीं थी। जबकि पीड़िता ने कहा कि वह 18 वर्ष की है। घटना के दिन वह अपने नाना के यहाँ चली गई थी। राहुल द्वारा किसी प्रकार के दुष्कर्म की घटना से इन्कार किया।
लेकिन विधि विज्ञान प्रयोगशाला में पीड़िता के आंतरिक परीक्षण व दोनों के डीएनए रिपोर्ट के आधार पर अभियोजन के कथन की पुष्टि हो गई। विशेष लोक अभियोजक राजेश कुमार उपाध्याय व कमलेश राय के द्वारा की गई बहस के पश्चात अदालत ने आरोपी राहुल गौतम को पॉक्सो ऐक्ट के अंतर्गत नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में दोषसिद्ध पाते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार अर्थदंड से दंडित किया।

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