चुनावी तैयारी की समीक्षा: निर्वाचन आयोग के आयुक्त की दो टुक, चुनाव में हुई गड़बड़ी तो डीएम एसपी सीधे जिम्मेदार,होगी कार्रवाई

भारत निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस कप्तानों को प्रदेश में हर हालत में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने की हिदायत दी है। आयोग ने दो टूक शब्दों में कहा है कि कहीं भी पुनर्मतदान या चुनावी हिंसा की नौबत आई तो संबंधित अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रदेश में लोकसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने आए आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार और आयुक्त अरुण गोयल ने शुक्रवार को प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों, मंडलायुक्तों, पुलिस आयुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों के साथ समीक्षा की। आयोग ने आचार संहिता का उल्लंघन करने पर तुरंत मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश भी दिए।
विधानभवन के तिलक हाल में शुक्रवार को सुबह करीब 10 से रात 8 बजे तक चली मैराथन बैठक में सीईसी और आयुक्त ने एक-एक जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान से उनके जिले में चुनाव की तैयारी पर बात की। साथ ही उनसे 2019 और 2022 के मतदान प्रतिशत, आगामी चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए किए प्रयास, मतदाता सूची पुनरीक्षण में बढ़ी मतदाताओं की संख्या, मतदान केंद्रों पर पानी, बिजली, छाया, रेंप, फर्नीचर की व्यवस्था, संदिग्ध मतदान केंद्रों, गत चुनाव में आचार संहिता उल्लंघन के मामलों की समीक्षा की। वहीं पुलिस से जिलों में आवश्यक फोर्स, अवैध शराब, मुफ्त सामान और नकद राशि का वितरण रोकने, असामाजिक तत्वों को पाबंद करने, हथियार जमा करने, संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के इंतजाम सहित अन्य तैयारी की जानकारी ली। आयोग ने नामांकन पत्रों की जांच से लेकर मतगणना तक निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से करने के निर्देश दिए।
आयोग ने कहा कि आचार संहिता उल्लंघन के मामलों में तुरंत कार्रवाई करें। संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने, चुनाव प्रचार पर रोक लगाने जैसी बड़ी कार्रवाई भी करें। सीईसी ने प्रदेश से जुड़ी सीमाओं पर स्थित जिलों में खास चौकसी रखने के निर्देश दिए। बैठक में सभी जिलाधिकारियों, मंडलायुक्तों और पुलिस अफसरों ने चुनावी तैयारियों का प्रस्तुतीकरण किया।
जिलाधिकारी और कप्तान ही होंगे जिम्मेदार
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने दो टूक शब्द में कहा कि चुनाव में यदि कोई भी गड़बड़ी हुई तो जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि आयोग चुनाव के दौरान डीएम और कप्तान के अलावा किसी को नहीं जानता है।
राजीव कुमार ने कहा कि आयोग ने लोकसभा चुनाव में हेट स्पीच के लेकर दिशानिर्देश जारी किए हैं। प्रत्याशी, राजनीतिक दलों के नेता चुनाव प्रचार और भाषण में किन शब्दों का उपयोग नहीं कर सकते हैं यह भी स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव में दिशा निर्देश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करें। सीईसी ने पिछले चुनाव में फर्रुखाबाद के स्ट्रांग रूम में आग लगने की घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बीते चुनाव में जो गड़बड़ी या अप्रिय घटनाएं हुई हैं, उनकी पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।
आयोग ने कहा कि विधानसभा चुनाव में वाराणसी में एक निजी गाड़ी में ईवीएम पकड़े जाने जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने दें। एक दो अधिकारियों की गलती से पूरे चुनाव पर प्रश्न चिह्न लग जाता है। सीईसी ने मामले में दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर भी जवाब मांगा।

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