डीएम के आदेश पर रोडवेज बस जेसीज चौराहे पर खड़ी होंगी और सवारी भरेंगी: ममता दूबे
उक्त बातें उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की जौनपुर शाखा पर तैनात उप प्रबन्धक ममता दूबे ने कही। यह बात उन्होंने किसी प्रेस वार्ता या अपने आफिस के बन्द कमरे में नहीं कहीं, बल्कि आये दिन जाम से जूझने वाले जेसीज चौराहे पर परिवहन विभाग के मनबढ़ चालक की लापरवाही से बस से कुचलकर मौत से बचे एक व्यक्ति द्वारा पूछे गये सवाल के जवाब पर कहीं। इतना ही नहीं, उपरोक्त बातों के आदेश की कापी मांगे जाने पर उन्होंने अपशब्दों का प्रयोग किया। साथ ही यह भी कहा कि तुम कौन हो जिसे मैं कोई डॉक्यूमेंट दूं या उसके बारे में बताऊं? रोडवेज परिसर में बस खड़ी नहीं होती हैं और पूरी बसें जेसीज चौराहे पर खड़ी होकर जाम की स्थिति बनाये रखती हैं, जैसे सवाल पर उन्होंने तीव्र आवाज में जवाब देते हुये कहा कि मैं न कुछ बताऊंगी और न ही किसी आदेश की कापी दिखाऊंगी। तुम्हें जो कुछ करना हो, वह कर सकते हो और यहां से बाहर चले जाओ।
बताते चलें कि नगर के जेसीज चौराहे पर प्राइवेट बस स्टैण्ड कई दशक से बना हुआ है। वह भी सड़क के किनारे है। वहीं दूसरी ओर रोडवेज भी दशकों पुराना है लेकिन कभी भी इस प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई और न ही रोडवेज बसों द्वारा जाम लगाये जाते रहे हैं। उनके कथनानुसार जनपद का प्रमुख चौराहा जेसीज पर जाम कराने में उप प्रबन्धक ममता दूबे का ही सह जान पड़ता है। इस बात को लेकर जेसीज चौराहा सहित जगह—जगह चर्चाएं भी की जा रही हैं जो जांच एवं कार्यवाही का विषय है।
गत दिवस एक व्यक्ति उस समय परिवहन विभाग की बस की चपेट में आने से बच गया जब सवारी बैठाने की होड़ में बस चालक बेतरतीब ढंग से बस चला रहा था। गनीमत अच्छी रही कि उक्त राहगीर बच गया, अन्यथा उस समय की स्थिति से कुछ और ही परिस्थिति बन जाती। उक्त राहगीर द्वारा सूचना देने पर यातायात निरीक्षक सुशील मिश्र ने मयफोर्स मौके पर पहुंचकर अपनी कार्यवाही करने का आश्वासन दिया लेकिन आज तक क्या कार्यवाही, कुछ पता नहीं चला।
यातायात निरीक्षक सुशील मिश्र ने बताया कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम शाखा जौनपुर को कई बार लिखित रूप से अवगत करा दिया गया है परन्तु अभी तक किसी प्रकार की कोई कार्यवाही उनके द्वारा नहीं की गयी जिसके चलते जेसीज चौराहे की समस्या बनी हुई है।
नगर के सबसे व्यस्ततम चौराहा जेसीज पर 24 घण्टे परिवहन विभाग की बसें जाम लगाये रहती हैं। इतना ही नहीं, सवारी बैठाने की प्रतिस्पर्धा में छोटे वाहनों एवं राहगीरों को ठोक देना, यातायात को बाधित करना आदि तो इनकी फितरत बन चुकी है। पूछे जाने पर चालक—परिचालक ने बताया कि यदि सवारी कलेक्शन कम दिया गया तो हम पर पेनाल्टी के रूप में पैसा काट लिया जाता है, इसीलिये जेसीज चौराहा पर आकर हम सवारी भरते हैं।
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