पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से एक बालक की मौत,लाश 12 घन्टे बाद मलवे से निकाली गयी


सवाल जब लाइसेंस नहीं तो घनी बस्ती में किसके परमीशन से चल रही थी पटाखा फैक्ट्री 

जौनपुर। जनपद के तहसील मड़ियाहूं मुख्यालय पर स्थित मुहल्ला भंडरिया टोला के घनी आवादी बस्ती में शनिवार की शाम को पटाखा  फैक्ट्री में पटाखे बनाते समय लगी आग और विस्फोट में एक बच्चे की मौत हो गई थी। बच्चे का शव घटना के दूसरे दिन आज रविवार को सुबह मकान के मलबे में दबा क्षत-विक्षत हालत में मिला है। घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है। बच्चा गोला बाजार मोहल्ला निवासी समद का पुत्र आकिब हम्जा (11) का  है । खबर है कि वह घर से पटाखा लेने की बात कहकर निकला था।
जब वह देर रात तक घर नहीं पहुंचा, तो परिवार के लोग उसकी तलाश में लग गए। पटाखा फैक्टरी के पास उसकी साइकिल पाए जाने से उसकी मलबे में दबे होने की आशंका जतायी जाने लगी। परिजनों का कथन है कि पुलिस से जब बच्चे को गायब होने की गुहार लगाई तो पुलिस रात की बात कहकर कोई कार्यवाही नहीं की। काफी दबाव के बाद सुबह पुलिस की मौजूदगी में मलबा हटाया गया तो मलवे में दबी समद की क्षत-विक्षत लाश मिली।
सुबह से ही मौके पर उपजिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन पहुंचकर मलबा हटाने का कार्य करवाया है। इस संबंध में एएसपी डॉ संजय कुमार बात क,ने पर उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। अगर पुलिस की लापरवाही सामने आएगी तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यहां बता  दें कि थाना कोतवाली मड़ियाहूं क्षेत्र के भंडरिया टोला पाही मोहल्ला निवासी मुस्ताक अपने घर में अवैध तरीके से पटाखा बनाने और बेचने का कार्य करता है। चार नवंबर को दीपावली होने के चलते पूरा परिवार पटाखे बनाने में लगा था। शनिवार शाम करीब साढ़े पांच और छ: बजे के बीच अचानक पटाखों में आग लग गई, जिसके चलते भीषण विस्फोट हो गया और मकान की छत उड़ गई तथा दीवार भरभरा कर ध्वस्त हो गयी। 
मकान के मलबे में पटाखा बना रहे परिवार के लोग दब गए। जिसमें मुस्ताक(56) पुत्र बाबू मियां, कल्लू (38) पिता मुस्ताक, गुड़िया(28) पत्नी सोनू और परिवार के एजाज(13) समेत दो छोटे बच्चे शामिल हैं। घटना की जानकारी होने पर पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस आनन-फानन सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई। जहां प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घायलों में मुस्ताकर, कल्लू और गुड़िया की हालत गम्भीर बताई जा रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक दुर्घटना के लगभग एक घन्टे बाद तक मकान के अंदर से धमाके की आवाज आने की पुष्टि आसपास के लोंगो ने किया है। हलाकि मौके पर पहुंचे फायर बिग्रेड के जवान घंटें मशक्कत कर आग बुझाने का काम किया। घटना की सूचना पाकर मौके पर एडीएम वित्त राम प्रकाश, उप जिलाधिकारी अर्चना ओझा, क्षेत्राधिकारी एसपी उपाध्याय, प्रभारी निरीक्षक अशेष नाथ सिंह, तहसीलदार अमित त्रिपाठी समेत प्रशासनिक अमला मौजूद रहा।
इस घटना के बाद सीओ मड़ियाहूं एसपी उपाध्याय और अग्निशमन अधिकारी कमलेश सिंह के बयान में खासा विरोधाभास सामने आया है। सीओ ने पटाखा बेचने का लाइसेंस होने की बात किया जबकि अग्निशमन अधिकारी ने कहा कि जिलाधिकारी द्वारा घनी बस्तियों के 71 पटाखा बिक्रेताओ का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है तहसील मड़ियाहूं के सभी पटाखा लाइसेंस निरस्त हो चुके है। वर्तमान समय में मुस्ताक के पास पटाखा बनाने अथवा बेचने आदि का कोई भी लाइसेंस आदि नहीं था। ऐसे में बड़ा सवाल खड़ा होता है कि आखिर जब लाइसेंस नहीं था तो किसके सहमति से पटाखा फैक्ट्री चल रही थी। 




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