महिलाओं ने दी वल्लभभाई पटेल को ‘सरदार’ की उपाधि- निर्मला एस मौर्य कुलपति


राष्ट्रीय एकता दिवस पर रन फॉर यूनिटी मार्च निकाला

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में रविवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर परिसर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। सरस्वती सदन स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर कुलपति, रजिस्टार समेत शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने माल्यार्पण किया। इस दौरान कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने शिक्षकों,  अधिकारियों,  कर्मचारियों और विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई। इसके बाद विद्यार्थियों ने एकलव्य स्टेडियम तक रन फॉर यूनिटी मार्च निकाला। इसका‌ नेतृत्व सहायक कुलसचिव दीपक कुमार सिंह, सुश्री बबीता सिंह, कार्यक्रम संयोजक मनोज कुमार पाण्डेय और वार्डेन अन्नू त्यागी ने किया।
इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस. मौर्य ने सरदार वल्लभ भाई पटेल के जीवन और कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बारडोली सत्याग्रह आंदोलन के सफल होने के बाद वहाँ की महिलाओं ने वल्लभभाई पटेल को ‘सरदार’ की उपाधि प्रदान की थी। उन्होंने कहा कि
स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देशी रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत के निर्माण में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने 562 छोटी-बड़ी रियासतों का भारतीय संघ में मिलाकर एक भारत राष्ट्र का निर्माण कराया।
इस अवसर पर कुलसचिव श्री महेंद्र कुमार ने कहा कि किसी भी देश का आधार उसकी एकता और अखंडता में निहित होता है और सरदार पटेल देश की एकता के सूत्रधार थे। इसी वजह से उनके जन्मदिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के तौर पर मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल देश के युवाओं के लिए पहले भी अनुकरणीय थे और आज भी रहेंगे।
इसके बाद फार्मेसी संस्थान में डॉ विनय वर्मा के नेतृत्व में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसमें 73 लोगों ने रक्तदान किया। इसके पूर्व संकाय भवन में भारतीय स्वाधीनता एवं राजनीति योगदान विषय पर 29 अक्टूबर को एक निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। विजेता प्रतिभागियों को आज पुरस्कार वितरित किया गया।
इस अवसर पर कुलसचिव श्री महेंद्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक श्री वीएन सिंह,  प्रो.बीबी तिवारी, प्रो. मानस पांडेय, प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. अशोक कुमार श्रीवास्तव, प्रो. अविनाश पार्थीडकर, प्रो. देवराज सिंह, डॉ संतोष कुमार, डॉ राज कुमार, डॉ रजनीश भास्कर, एनएसएस समन्वयक डॉ राकेश यादव, डॉ मनोज पांडेय, डॉ सुनील कुमार, डॉ नितेश जायसवाल, डॉक्टर रामनरेश यादव,  डॉ के एस. तोमर,  डॉ  आलोक दास, डॉक्टर झांसी मिश्र समेत काफी संख्या में शिक्षक कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित थे।

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