संयुक्त किसान मोर्चा ने फिर दिया आन्दोलन की धमकी, जानें क्या है कारण


संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन मेरठ द्वारा केंद्र सरकार की वादा खिलाफी के विरोध में राष्ट्रपति को जिलाधिकारी मेरठ के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया । ज्ञापन में सरकार को चेतावनी देते हुए कहा गया है कि वह किसानों के धैर्य की परीक्षा लेना बंद करें। संयुक्त किसान मोर्चा ने 11 से 17 अप्रैल के बीच एमएसपी (MSP) कि कानून गारंटी सप्ताह आयोजित करने का फैसला किया है। तब तक भी सरकार अपने आश्वासन पर अमल नहीं करती है तो किसानों के पास आंदोलन को दोबारा शुरू करने के सिवा और कोई रास्ता नहीं बचेगा।
ज्ञापन में इस बात पर भी गहरा गुस्सा जताया गया है कि कृषि एवं कल्याण मंत्रालय के सचिव संजय अग्रवाल ने 9 दिसंबर 2021 को संयुक्त किसान मोर्चा के नाम लिखे अपने एक पत्र में वादा किया था कि देश के किसानों को एमएसपी मिलना कैसे सुनिश्चित किया जाए, इस पर एक कमेटी बनाई जाएगी अब तक सरकार ने न तो कमेटी के गठन की घोषणा की है और न ही कमेटी का स्वरूप और उसकी मैंडेट के बारे में कोई जानकारी दी, सरकार का वादा था कि आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाएंगे, लेकिन इस दिशा में भी सरकार ने कोई कार्रवाई नही की है।
सरकार ने किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया-संजय अग्रवाल यही नही आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों के परिवारो को मुआवजा देने पर भी अभी तक न तो किसी औपचारिक निर्णय की घोषणा हुई है। अपने वादे पूरे करने की बजाय सरकार ने इस बीच किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है। इस मौके पर भाकियू जिलाध्यक्ष मनोज त्यागी ने बताया कि केंद्र सरकार ने 5 राज्यो में सरकार बनाने के बिगड़े समीकरण की भरपाई के तहत आंदोलनरत देश के भोलेभाले किसानो को झूठे आश्वासन देकर आंदोलन का समापन करा दिया था । और अब चार राज्य में सरकार बनाकर भी किसानो को नजरअंदाज कर रही है । मनोज त्यागी ने कहा कि देश का किसान दिल्ली का रास्ता भूला नही है या तो सरकार अपनी तानाशाही से बाज आ जाए नही तो देश के किसान पुनः दिल्ली की सीमाओ पर आंदोलन शुरू करेगे। 
केन्द्र सरकार ने लोकतंत्र को मजाक बनाकर रख दिया है-अनुराग चौधरी युवा जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने बताया कि केन्द्र सरकार ने लोकतंत्र को मजाक बनाकर रख दिया है आजादी के बाद ये पहली ऐसी सरकार है जो अपना उल्लू सीधा करने के लिए वायदे तो तमाम कर देती है पर काम निकल जाने पर अपने वायदो से मुकर जाती है, पर सरकार को याद रखना चाहिए की हम हिन्दुस्तान के किसान हैं हम आंदोलन व एकता की ताकत से इनके नापाक मंसूबो को कामयाब नही होने देंगे। धरना-प्रदर्शन में जिला मीडिया प्रभारी सुशील कुमार पटेल,विनोद जाटोली, नरेश मवाना, अमित चिन्दौडी, पुनीत चौधरी,उदयवीर सिंह, जुनैद लावड, हर्ष चहल, गौरव तेवतिया, देशपाल हुड्डा, राकेश त्यागी, अंकित त्यागी, गुलजार ईकडी, सुन्दर मोड खुर्द, समीर, अनस, बब्लू जाटोली, प्रविन्दर जैन, मोनू छुर्र, निशांत इकलोता, आदि शामिल रहे।

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