पर्यावरण के विषाक्त पदार्थ को नियंत्रित कर सकते हैं सूक्ष्म जीव और पौधेः प्रो. प्रत्यूष शुक्ला

दीक्षांत समारोह के प्री दीक्षांत सप्ताहांत के अंतर्गत हुआ व्याख्यान का आयोजन

जौनपुर। प्रदेश की महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल एवं विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह की प्रेरणा से व्याख्यानमाला श्रृंखला के कड़ी में  28 अक्टूबर शनिवार को परिसर के संकाय भवन में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय  बायोटेक्नोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष एवं कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर प्रत्यूष शुक्ला का व्याख्यान हुआ ।
इस अवसर पर प्रोफेसर शुक्ला ने कंप्यूटेशनल टूल्स के माध्यम से कैसे हम पर्यावरण में प्रदूषकों की सांद्रता या विषाक्त प्रभाव को कम करने के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में तकनीक के विकसित होने से आज कंप्यूटेशनल टूल के माध्यम से सूक्ष्म जीवों के जीन को एडिटिंग करके डिजाइनर सूक्ष्मजीव बनाए जा सकते हैं जिनका प्रयोग विषाक्त पदार्थ के प्रभाव को नियंत्रण में किया जा सकता है। कैडमियम, क्रोमियम, सीसा, एल्युमीनियम, आर्सेनिक और एंटीमनी जैसी भारी धातुओं से दूषित मिट्टी वाली जगहों पर इस तकनीक की तेजी से जांच और उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय ऐसा है जिसमें विभिन्न प्रकार के सूक्ष्म जीवों के अध्ययन से बहुत सारे आकंड़े उत्पन्न हो रहे हैं उनके लिए कंप्यूटर आधारित सॉफ्टवेयर का प्रयोग लाभदायक होगा। कार्यक्रम का संचालन शोध छात्रा आतिफा हफीज और स्वागत प्रोफेसर रामनारायण द्वारा किया गया।

कार्यक्रम की रूपरेखा  संकायाध्यक्ष विज्ञान संकाय प्रोफेसर राजेश शर्मा ने रखी। धन्यवाद ज्ञापन बायोटेक्नोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर मनीष कुमार गुप्ता ने किया। कार्यक्रम में विज्ञान संकाय के विभिन्न विभागों के शिक्षक  डॉ. एसपी तिवारी, डॉ सुधीर उपाध्याय , डॉ संजीव मौर्य, ऋषि श्रीवास्तव , डॉ सिपाही लाल पटेल, डॉ दिनेश कन्नौजिया एवं छात्र उपस्थित रहे।

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