पीयू के शिक्षको ने टीबी के 66 मरीजों को लिया गोंद



जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति सभागार में मंगलवार को विश्वविद्यालय के शिक्षकों की एक बैठक आहूत की गई। इसमें जिले के गांव में क्षय रोग से पीड़ित मरीजों को स्वेच्छा से गोद लेने का लेने का निर्णय लिया गया। बैठक में कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस. मौर्य ने राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल के दीक्षांत समारोह में टीबी रोगग्रस्त मरीजों को गोद लेने के लिए दिए गए सुझावों को साझा किया। इसका विश्वविद्यालय के  शिक्षकों ने समर्थन किया। बैठक में उपस्थित विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. राकेश यादव को अपने नाम दर्ज कराए। विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 26 से 50 वर्ष के 66 लोगों की निगरानी का जिम्मा लिया है। इस कार्य के लिए सरकार और अन्य योजनाओं के तहत उनको दवा की व्यवस्था की गई है। विश्वविद्यालय के शिक्षक उनकी देखभाल और खानपान में पोषणयुक्त आहार उन्हें प्रदान करेंगे। साथ ही गांव जाकर उसकी मानिटरिंग के साथ उन्हें पूर्ण रूप से क्षयमुक्त कराने का प्रयास करेंगे। बैठक का संचालन कुलसचिव महेंद्र कुमार  और धन्यवाद ज्ञापन परीक्षा नियंत्रक वीएन सिंह ने किया।
इस योजना को व्यावहारिक स्तर पर फलीभूत करने के लिए प्रो. बीबी तिवारी, प्रो.अजय द्विवेदी प्रो. अविनाश , डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव ने अपने सुझाव दिए। इस अवसर पर प्रो.  अजय प्रताप सिंह,  प्रोफेसर बीडी शर्मा, प्रो.एके श्रीवास्तव प्रो.वंदना राय, प्रो.रामनारायण, प्रो. राजेश शर्मा , प्रो.देवराज सिंह, डॉ प्रमोद यादव, डॉ मनोज मिश्र, डॉ.राजकुमार , डॉ.संतोष कुमार, डॉ मनीष कुमार गुप्ता, सहायक कुलसचिव अमृतलाल, श्रीमती बबिता, दीपक सिंह, डॉ सुनील कुमार, डॉ.दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. मनोज पांडेय, डॉक्टर संजीव गंगवार आदि शिक्षक उपस्थित थे।

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