भाजपाई विधायको की जंग में जानें पुलिस ने कैसे टेका घुटना, अब सत्य असत्य दोनों की हां में हां क्यों और कैसे ?


जौनपुर। जनपद के थाना जलालपुर क्षेत्र स्थित रेहटी गांव में क्षेत्र पंचायत प्रमुख पद के चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ दल भाजपा के दो विधायक समर्थको के बीच विगत 07 जुलाई 21 की अर्ध रात्रि को हुए खूनी संघर्ष को लेकर आज भी दोनों पक्षों में कानूनी संघर्ष जारी है। सत्ता की हनक दोनों ओर से खास तौर पर देखी जा रही है और कानून का पालन करने वाली पुलिस न्याय करने के बजाय दोनों पक्षों को खुश करने की मुहिम में जुटी है। यह वही पुलिस है जो आम जनता के साथ न्याय करने के बजाय जिधर से अपनी जेब गरम कर लेती है उसी का साथ देने लगती है। लेकिन इस मामले में सच कहने के बजाय दोनों को खुश कर रही है।
यहां बता दें कि  जनपद जौनपुर के विकास खण्ड जलालपुर प्रमुख पद के लिए दो दावेदार थे एक दावेदार कमलेश कुमारी केराकत विधायक दिनेश चौधरी के भाई की पत्नी थी तो दूसरी बदामा देवी फ्राडगिरी के मास्टर नटवर लाल के रूप में सामाजिक पहचान रखने वाले कुसियां निवासी बेदीराम की पत्नी थी इनकी पैरवी जफराबाद के विधायक हरेन्द्र प्रताप सिंह कर रहे थे। भाजपा ने केराकत विधायक की भयेहू कमलेश कुमारी को अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया तो बेदीराम की पत्नी बागी बन कर चुनाव मैदान मे आ गयी और 07 जुलाई की रात लगभग 10.30 बजे आधा दर्जन वाहनों के काफिले के साथ बेदीराम के समर्थक कुसियां से रेहटी गांव लाल प्रताप सिंह के घर पर बीडीसी सदस्य पकड़ने पहुंच गये। वहां पर दोनों समर्थकों में विवाद हो गया फिर रेहटी गांव के ग्रामीण इकठ्ठा हो कर बेदीराम के लोंगो की जम कर धुनाई किया वाहनों को तोड़ दिया।
इसके बाद घटना को लेकर विधायक केराकत के प्रतिनिधि लाल प्रताप सिंह ने थाना जलालपुर में आध दर्जन नामजद सहित 25 अज्ञात लोंगो के खिलाफ मुअसं 162 से धारा 147, 148, 149, 336, 504, 506, 392 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया जिसमें खुद बेदीराम, अंकित बेदी, धनन्जय सिंह पुच्चू, शिवपूजन सिंह, सुनील सिंह, डिम्पल सहित 25 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया। इसके घटना के लगभग 06 दिन बाद बेदीराम ने भी जफराबाद विधायक की हनक का प्रदर्शन करते हुए 13 जुलाई 21 को मुअसं 169 से लगभग 15 लोंगो के खिलाफ धारा 147, 148, 149, 142, 307, 392 427, 504, 506, 3(2) (v) अनुसूचित जाति जन जाति निवरण अधिनियम के तहत दर्ज कराया गया है। जिसमें सुनील सिंह,  विमल सिंह, लालप्रताप सिंह,  विशाल सिंह, रामेश्वर,  संदीप सिंह,  संजीव सिंह, अजय सिंह, संजय मिश्रा भानु प्रताप सिंह, आकाश सिंह, राहुल सिंह, भिखारी सिंह, आशु सिंह सहित कुल 15 लोंगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
यहां बता दे कि घटना के तुरंत बाद लालप्रताप सिंह द्वारा दर्ज कराये मुकदमे में घटना की कहानी बीडीसी सदस्य को उठाने के लिए रेहटी गांव में बेदीराम के लोंगो द्वारा धावा बोलना कहा गया है यही घटना सच भी है पुलिस और प्रशासन भी जानता है लेकिन 13 जुलाई को बेदीराम के मनगढ़ंत कहानी के आधार पर सत्ता के दबाव में थाना जलालपुर की पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर लिया है जिसमें त्रिलोचन बाजार के पास नहर से 400 मीटर हाईवे मार्ग से अंकित बेदी, भतीजा दीपक, प्रदीप के अपहरण की कहानी रच कर घटना को 07 जुलाई की रात 9.45 बजे की बताया गया है।


यह कहानी आम आदमी द्वारा रची जाती तो पुलिस उसे दौड़ाकर पीटती और भगा भी देती लेकिन मामला सत्ता पक्ष का आया तो तू भी खुश, तू भी खुश करने के मोड में नजर आ गई है। इस खूनी जंग का परिणाम आगे जो भी होगा वह तो अलग है लेकिन पुलिसिया रोल खासा चर्चा का बिषय बना है। 

टिप्पणियाँ

  1. सच्चाई जो भी हो इसमे बेदी राम पक्ष को भारी जान माल का नुकसान हुआ है और उनकी तरफ़ से कई लोग बुरी तरह घायल हुए है लेकिन येसी पत्रकारिता पर लानत है आप सब पत्रकारों को जीधर से जेब गरम की जाएगी उधर का ही पक्ष लेकर न्यूज़ बनाते है और फालतू की अफवाह उड़ाते रहते है ।
    धन्यवाद 🙏🙏। । बृजराज गुप्ता

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