सीएम के गृह जनपद में लुटी किशोरी की आबरू, पीड़िता न्याय के लिए भटक रही, जिम्मेदार क्यों है मौन?



प्रदेश सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी प्रदेश भर में घूम कर कानून का राज बताने के साथ ही महिला सुरक्षा के दावे तो कर रहे है लेकिन महिला अपराध में जरा भी कमी नहीं नजर आ रही है सरकार के तमाम दावों  की पोल महिला अपराध के मामले रोज उजागर कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर में 11 साल की बच्ची से गैंगरेप का मामला  सामने आया है। गुलरिहा इलाके में 11 साल की बच्ची से गैंगरेप के बाद आरोपी परिवार को खामोश रहने की धमकी दे रहे हैं। आरोपियों ने बच्ची के पिता को धमकी देकर कहा कि खामोश ही रहना। खामोशी टूटी तो बच्ची की हत्या कर देंगे।
बेबस पिता सोमवार को पूरा मामला लेकर गुलरिहा थाने  पहुंचा तो पुलिस भी कार्यवाई करने के बजाय आनाकानी करने रही थी। मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तब भी मुकदमा नहीं दर्ज हुआ। पिता ने तहरीर में लिखा है कि वह चेन्नई में पेंट पालिश का कम करता है। पत्नी की मौत हो चुकी है। घर में दो बेटियों के अलावा बुजुर्ग माता-पिता रहते है। 12 सितंबर की रात में माता- पिता घर के बाहर सोए थे। बेटियां दूसरी मंजिल पर थी। 
शोर मचाया तो यहीं छत से नीचे फेंककर मार डालूंगा- दुष्कर्मी सीढ़ी के रास्ते गांव के ही दो युवक वहां पर पहुंच गए। छोटी बेटी की नींद खुला तो एक ने दुपट्टे से उसका मुंह दबा दिया और दूसरा बड़ी बेटी के साथ दुष्कर्म करने लगा। मुंह दबाए युवक ने छोटी बेटी से कहा कि अगर शोर मचा दी तो यहीं छत से नीचे फेंककर मार डालूंगा। वह डर गई और फिर दूसरे युवक ने भी बड़ी बेटी के साथ दुष्कर्म किया। इंस्पेक्टर विनोद अग्निहोत्री ने बताया कि तहरीर के आधार पर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। जांच के आधार पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। मजेदार बात यह कि इतनी जघन्यतम घटना के बाद पुलिस मुकदमा लिखने के बजाय जांच का नाटक कर रही है। 
पूरी रात बेहोश रही बच्ची तहरीर के मुताबिक, 12 सितम्बर की रात में हुए गैंग रेप के बाद बच्ची बेहोश हो गई। अगले दिन 13 सितंबर को होश आने पर उसने पिता को फोन कर पूरी जानकारी दी। दबंग आरोपियों की तरफ से परिवार को धमकी दी जा रही है। पिता का आरोप है कि दोनों युवकों ने कहा कि वह फिर इसी तरह आएंगे अगर किसी को पता चला तो हत्या कर दूंगा। पिता किसी तरह से ट्रेन पकड़कर 19 सितंबर की रात में अपने गांव पहुंचा। इसके बाद दोनों बेटियों ने रो-रोकर आपबीती बताई। सोमवार को पिता दोनों बेटियों के साथ थाने पर पहुंचे थे।
अब पीड़ित न्याय पाने के लिए दर दर की ठोकरें खा रहे है लेकिन कानून के रखवालों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रहा है। और मुख्यमंत्री प्रदेश भर में महिला सुरक्षा का ढिंढोरा पीट रहे है जबकि उन्ही के जनपद में बेटी की आबरू लूटी जा रही है और उसे कानूनी न्याय तक नहीं मिल पा रहा है जिम्मेदार खामोश है। क्या यही है प्रदेश सरकार के महिला सुरक्षा का माडल?

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