सीवर खोदाई के दौरान श्रमिक की मौत के मामले में आखिर 36 घन्टे बाद भी क्यों नहीं दर्ज हुआ कंस्ट्रक्शन कम्पनी पर मुकदमा ?


जौनपुर। जनपद मुख्यालय पर नमामि गंगे और अमृत योजना के तहत चल रहे सीवर लाइन के खोदाई करते समय नगर क्षेत्र स्थित अहमद खां मण्डी मुहल्ले में सीवर खोदाई के दौरान मिट्टी के मलबे में दब कर श्रमिक रिजवान की मौत के मामले में जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुँचने के बाद बयान जारी किया था कि प्रथम दृष्टया प्रतीत हो रहा है कि कंस्ट्रक्शन कम्पनी की लापरवाही पूर्ण व्यवस्था के कारण श्रमिक दुर्घटना का शिकार हुआ और जान चली गयी। कंस्ट्रक्शन कम्पनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विवेचना करायी जायेगी लेकिन घटना के तीसरे दिन तक जिला प्रशासन के जिम्मेदार लोगो द्वारा कंस्ट्रक्शन कम्पनी के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई का न किया जाना और उसके खिलाफ एफआईआर न दर्ज करना एक बड़ा अनुत्तरित सवाल जिम्मेदार अधिकारियों के प्रति खड़ा कर दिया है।
सीवर लाइन खोदाई के दौरान श्रमिक की मौत के बाद भी कंस्ट्रक्शन कम्पनी द्वारा श्रमिको की सुरक्षा के कोई खास प्रबन्ध नहीं नजर आए है। नहीं जरूरत के मुताबिक कोई सजगता ही नजर आयी है जो संकेत करती है कि घटना के बाद भी सीवर लाइन के खोदाई कार्य में भीषण लापरवाही बरती जा रही है।जिला प्रशासन के अधिकारी घटना के बाद मौके पर पहुंचकर केवल सन्तवना के बयान जारी कर जिम्मेदारी से खुद को मुक्त कर लिए है।
नमामि गंगे और अमृत योजना के तहत चल रहा खोदाई का कार्य वर्तमान में टेक्नोक्राफ्ट कंस्ट्रक्शन कम्पनी द्वारा कार्य कराया जा रहा है। इस घटना के बाद कम्पनी के खिलाफ कोई कार्रवाई का न होना एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। सभी जिम्मेदार एक दूसरे पर टाल मटोल का खेल करने में लगे हुए है।हलांकि इंसपेक्टर कोतवाली नगर का कथन है कि तहरीर मिलने के बाद एफआईआर दर्ज कर विवेचना की जायेगी। खबर मिली है कि जिम्मेदार अधिकारी मृतक श्रमिक के पिता और परिजन से बात कर मामले को दबाने की फिराक में जुटे हुए है।
घटना के दूसरे दिन मृतक श्रमिक रिजवान के पिता इस्लाम को मृतक की लाश देदी गयी। पुत्र की मौत से बदहवास पिता कुछ भी बोल पाने की स्थित में नहीं नजर आया है। लापरवाही बरकरार है जबकि अहमद खां मण्डी मुहल्ले का काम पूरा किए बगैर ही बन्द कर दिया गया है।

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