फिर शुरू हुई गो संरक्षण की कवायद, डीएम ने अधिकारियों के साथ बैठक कर दिया यह शख्त आदेश,पशु छोड़ने वाले भी कार्रवाई के दायरे में



जौनपुर। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में अस्थाई/स्थाई गो-आश्रय स्थल की स्थापना व संचालन तथा प्रबंधन के अनुश्रवणार्थ प्रशासकीय व्यवस्था हेतु बैठक संपन्न हुई। जिसमें निर्माणाधीन गोआश्रय स्थलों को तत्काल पूर्ण कराकर उनमें गोवंश संरक्षित किये जाने, जिन न्याय पंचायतों में गोआश्रय का निर्माण नही है, वहाँ एक सप्ताह के अन्दर गोशाला का निर्माण कराकर जिसमें शत-प्रतिशत निराश्रित गोवंश को संरक्षित करायें जाने, जनपद में निमार्णाधीन वृहद गोसंरक्षण केन्द्रो का निर्माण तत्काल कराकर क्रियाशील कराना, अस्थायी/स्थायी गो-आश्रय स्थलों पर विद्युत कनेक्शन तत्काल पूर्ण कर वस्तु स्थिति से अवगत कराने, सुपुर्दगी योजनान्तर्गत गोवंश को अधिक से अधिक संख्या में सुपुर्दगी किया जाना, प्रत्येक उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी/पशु चिकित्साधिकारी/खण्ड विकास अधिकारी सप्ताह में गोवंश सुपुर्दगी करना तथा सुपुर्दगी कराया गये लाभार्थियों को धनराशि भी दिलाना सुनिश्चित करे। यदि कही भी गोवंश की भूख-प्यास/र्दुघटना/चिकित्सा के अभाव में मृत्यु होती है, तो सम्बन्धित के विरूद्व कार्यवाही किये जाने, वृहद गोसंरक्षण केन्द्र को संचालन हेतु शासन के मंशानुसार एम०ओ०यू० (अनुबन्ध) पर चर्चा कराने, यदि किसी कृषक/पशुपालन द्वारा पशुओं को छोड़ा जाता है। तो इस सम्बन्ध में कार्यवाही किया जाना कृषक/पशुपालन को प्रेरित किया जाना, इस प्रकार का कार्य न करें। जिससे समाज को कठिनाइयों का सामना करना, जिन तहसील पर वृहद गोसंरक्षण केन्द्र का भूमि उपलब्ध नहीं कराया गया है, लक्ष्य के सापेक्ष सुपुर्दगी में दी गयी गोवंश पर चर्चा की गई।


मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 राजेश कुमार ने जिलाधिकारी को अवगत कराया है कि जनपद में 02 बृहद गोसंरक्षण केन्द्र पूर्ण है तथा 03 निर्माणधीन है, जिनमें ग्रामीण में शाहगंज के गैरवाह गांव में यूपीपीसीएल द्वारा निर्माण कराया जा रहा है, ब्लाक धर्मापुर के चोरसण्ड में आरईएस द्वारा निर्माण तथा बक्शा के मैनोद्दीनपुर में पीडब्ल्यूडी द्वारा निर्माण कराया जा रहा है जिसपर जिलाधिकारी ने सभी जगहों पर कार्य तेज गति से पूर्ण कराने का निर्देश विभाग के अधिकारियों को दिया।
जिलाधिकारी ने अभियान के दौरान कोई भी निराश्रत गौवंश संरक्षित न करने के लिए खण्ड विकास अधिकारी रामपुर एवं पशुचिकित्सा अधिकारी रामपुर को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया।जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारी एवं पशुचिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि विशेष अभियान चलाकर मनरेगा एवं ग्राम निधि से चारागाह विकास कर चारा फसलों को उगाया जाय एवं गोआश्रय स्थलो स्वालम्बी बनाया जाय।  
उन्होंने जनपद स्तरीय नोडल अधिकारियों/समस्त खण्ड विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि 2-3 दिन में अपने-अपने क्षेत्र के गोआश्रय स्थल का भ्रमण करे और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं (चिकित्सा, पानी, छाया, चारा) आदि की व्यवस्था को सुनिश्चित कर लिया जाय। जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव और पशुचिकित्सा अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि समन्वय स्थापित करते हुए सभी गोआश्रय स्थल पर बिजली की व्यवस्था करायी जाय। सभी नगर पालिका/पंचायत रात्रि में भ्रमणकर छूटा पशुओं को पकडकर गोआश्रय स्थल में भेजवाए। गोशाला की सूची थानो पर भेजवा दिया जाय, जिससे गोवंश की देख-रेख की जा सके। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि तहसील स्तरीय, ब्लाक स्तरीय, विकास खण्ड स्तरीय बैठक सुनिश्चित करा ली जाय।
जिलाधिकारी ने जनपद वासियों से अपील किया है कि वर्तमान के गेहूं की कटाई का कार्य किया जा रहा है जो भी ग्रामवासी, कृषक एवं दानदाता भूसा दान देना चाहते है वे निकट की गोआश्रय स्थलों पर दे सकते है। इसके लिए जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारी, पशुचिकित्सा अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो भी दानदाता है उनसे सम्पर्क कर दान स्वरुप प्राप्त भूसे की सूची भी उपलब्ध कराये। कोई भी जानकारी के लिए सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी एवं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से सम्पर्क किया जा सकता है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अनुपम शुक्ला, जिला विकास अधिकारी बी0बी0 सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी रामदरश यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी संतोष कुमार सहित खण्ड विकास अधिकारी, पुशचिकित्सा अधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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