सपा विधायक और प्रशासन के बीच विवाद को लेकर सपाई भी अब संघर्ष के मूड में, प्रशासन टकरायेगा या मामले का करेगा पटाक्षेप ?


जौनपुर । मल्हनी से सपा विधायक लकी यादव के घर पर हुए विवाद व अभद्रता के जांच की मांग सपा के पदाधिकारियों और नेताओ ने किया तो घटना के मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक नगर को सौंप दी गयी। इस प्रकरण में पुलिस ने स्पष्ट जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज की मांग विधायक से की है। खबर लिखे जाने तक विधायक ने फुटेज नहीं दिया था। घटना के बाद प्रशासन भी विधायक के प्रति कड़ा रूख अख्तियार करते हुए उनके आवास ओम रैन बसेरा को लेकर छानबीन शुरू कर दिया है। प्रशासन के इस रूख को देखते हुए समाजवादी पार्टी के लोग भी जिला प्रशासन से दो दो हाथ करने की तैयारी शुरू कर दिए है। सपा के जिम्मेदार नेताओ से इस संदर्भ में बात करने पर उनका कथन है कि अब जिला प्रशासन के लोग सत्तारूढ़ दल के राजनैतिक और कुछ तथाकथित लोंगो के दबाव में अनुचित तरीके से विधायक और समाजवादी पार्टी के परेशान करने की नीयत से काम करने की योजना बना रहे है। अब जिला प्रशासन का जबाव सपा का एक एक कार्यकर्ता सड़क पर उतर कर देने की मजबूर हो रहा है।
यहां बता दें कि घटना के बाद दूसरे दिन में सपा के जिलाध्यक्ष डॉ.अवधनाथ पाल व सपा के मछलीशहर विधायक, मुंगरा बादशाहपुर विधायक पूर्व जिलाध्यक्ष लालबहादुर यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राज बहादुर यादव, पूर्व एम एल सी लल्लन प्रसाद यादव सहित बड़ी तादाद में सपाईयों ने घटना के बाबत शिकायत जिला प्रशासन व एडिशनल एसपी से की थी। कहा कि नगर कोतवाली क्षेत्र के उमरपुर में विधायक लकी यादव का आवास है। वहां रविवार की रात में नाली बनाने के लिए निशान लगाने गए दो जेई व एक ठेकेदार को बंधक बनाने का विधायक पर आरोप लगाया गया है।
मौके पर छुड़ाने पहुंचे प्रशासन के अधिकारियों ने पुलिस की मदद से बल प्रयोग करके सभी को बाहर निकाला। जबकि विधायक ने किसी को बंधक बनाने की बात से इन्कार करते हुए पुलिस पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। विधायक ने एसपी को पत्र भेजकर कहा है कि पुलिस ने उनका कॉलर पकड़कर खींचा है संसदीय मर्यादाओ की अवहेलना में आता है। क्योंकि लकी यादव एक विधायक है। इसके साथ ही उपरोक्त सभी ने पुलिस के अधिकारियों को ज्ञापन देकर दुर्व्यवहार करने वाले पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। इसी मामले की जांच एएसपी सिटी कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, अब पुलिस जांच के लिए विधायक लकी यादव से सीसीटीवी फुटेज की मांग कर रही है।
दूसरी ओर जौनपुर मुख्यालय पर स्थित विधायक लकी यादव के आवास का मास्टर प्लान कार्यालय में नक्शा स्वीकृत होने की जांच की जा रही है। सिटी मजिस्ट्रेट देवेंद्र सिंह के अनुसार, फाइलों को खंगाला जा रहा है। कयास है कि भवन 15 वर्ष पहले बनाया गया है। वर्तमान में यह क्षेत्र वर्ष 2021 से ग्रीनलैंड एरिया में शामिल किया गया है। इसके अलांवा यह भी खोजा जा रहा है कि इसको कैसे बनाया गया है। प्रशासन के इस हरकत की खबर सपा नेताओ के पास पहुंचते ही सपाईयों ने आन्दोलन को रास्ता अख्तियार करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। सपा के लोग इस घटना को लेकर सड़क पर उतरे तो प्रशासन के लिए कानून व्यवस्था संभालना कठिन हो सकता है। क्योंकि अब तक का इतिहास है सपा जब जब सड़क पर उतरी है प्रशासन को नाको चना चबाना पड़ा है।
हलांकि घटना उपरोक्त के बाद विधायक के आवास के सामने नाली बनाने के लिए गढ्ढा तो खोदवा दिया है लेकिन और भी जितने अतिक्रमण जेसीज से ओलंदगंज तक इस सड़क पर किये गए है उनके खिलाफ कोई कार्रवाई प्रशासन की ओर से नहीं किया जा रहा है। जेसीज चौराहा के पास ही एक व्यापारी द्वारा अवैध रूप से सड़क पर अतिक्रमण किया गया है पूरा प्रशासन जानता है लेकिन वहां पर आज तक अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर नहीं चलाया जा सका है और विधायक के आवास की कुंडली तलाशी जा रही है 

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