नोडल अधिकारी ने पूँछा मरीजों से कितनी बार बात करते हैं तो निरूत्तर रहे जिम्मेदार, फिर जाने क्या दिया निर्देश



जौनपुर। प्रमुख सचिव, दुग्ध विकास एवं पशुधन उ.प्र. शासन तथा नोडल अधिकारी (कोविड- 19) जौनपुर भुवनेश कुमार द्वारा जनसुनवाई कक्ष में अधिकारियों के साथ बैठक की गयी।
बैठक में नोडल अधिकारी ने प्रभारी अधिकारी टेलीमेडिसिन से जानकारी ली कि उनके द्वारा मरीजों से कितनी बार फ़ोन पर वार्ता की जाती है। फिर उन्हें निर्देशित किया कि चिकित्सक प्रत्येक दूसरे दिन मरीजों से बात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त करें। उन्होंने जनपद में नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बनाई गई निगरानी समिति के बारे में जानकारी प्राप्त की, जिस पर जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि जनपद में उन्नीस सौ आठ निगरानी समितियां बनाई गई है, जिनके द्वारा घर-घर जाकर कोरोना टेस्टिंग एवं लक्षण युक्त मरीजों को कोरोना किट का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक निगरानी समिति के पास पर्याप्त कोरोना किट उपलब्ध है। नोडल अधिकारी द्वारा पूछा गया कि कोरोना किट के वितरण की मॉनिटरिंग किसके द्वारा की जा रही है जिस पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ राकेश कुमार ने  बताया कि आशा संगिनी एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम निगरानी कर रही है। नोडल अधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि एक चिकित्सक को इंचार्ज बना दिया जाए जो कि नियमित रूप से निगरानी समिति की समीक्षा करें।
उन्होंने कोविड के सरकारी व निजी अस्पतालों व होम आईसोलेशन में रह रहे मरीजो के आंकड़े के बारे में जानकारी ली। गांवो व कंटेनमेंट क्षेत्रो में छिड़काव व सफाई के सम्बन्ध में जानकारी जिला पंचायत राज अधिकारी से प्राप्त की और निर्देशित किया कि नियमित रूप से साफ-सफाई का कार्य कराया जाए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अनुपम शुक्ला, अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व राजकुमार द्विवेदी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी रामदरश यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी संतोष कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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