डीएम की निगरानी में जेल काण्ड की जांच शुरू, 150 बन्दियों के खिलाफ संगीन जुर्म में मुकदमा हुआ दर्ज



जौनपुर । जिला जेल में कैदी की मौत के बाद हुए उपद्रव के मामले में अब मंडलायुक्त के आदेश जिला प्रशासन ने जांच बैठा दिया है कि आखिर जेल में बन्दियों ने उपद्रव क्यों और किसके इशारे पर हुआ है। घटना के दूसरे दिन शनिवार को खुद जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक दिन में 11 बजे से दो घन्टे तक जेल में निरूद्ध बन्दियों से अलग-अलग बात चीत किया। हलांकि जांच अधिकारी में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रामप्रकाश तथा भू राजस्व अधिकारी राज कुमार द्विवेदी को रखा गया है जो शनिवार को जेल प्रशासन के लोगों को दूर कर बन्दियों से वार्ता किया। 
बन्दियों से जांच के दौरान लगभग सभी बन्दियों ने बागेशी मिश्रा डबल हत्या काण्ड के सजा याफ्ता कैदी की मौत के लिए जेल अधीक्षक एवं जेल के डाक्टर को जिम्मेदार बताया है। ऐसा जिला प्रशासन के लोगों का कथन है हलांकि अभी जेल प्रशासन के लोगों से कोई पूछताछ नहीं हुई है उनका भी बयान लेने के बाद उच्चाधिकारी को रिपोर्ट भेजने की बात की जा रही है। जेल की विभागीय जांच भी घटना को लेकर अलग से चल रही है डीआईआई जेल भी बन्दियों से लेकर जेल कर्मचारियों से अलग-अलग बयान ले रहे है। जांच में एक बात सामने आयी है कि जेल में निरूद्ध बन्दियों में जेल अधीक्षक से लेकर चिकित्सक के प्रति अधिक गुस्सा है। 
 यहां यह भी बता दें कि जेल प्रशासन ने घटना के दिन ही देर रात डेढ़ सौ अज्ञात बंदियों-कैदियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। सीसीटीवी और ड्रोन कैमरे की फुटेज से उनकी पहचान की जा रही है। मामले की जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय कमेटी ने जांच शुरू कर दी है।
शुक्रवार को जेल में मचे बवाल के मामले में देर रात जेल अधीक्षक एसके पांडेय की तहरीर पर लाइन बाजार थाने में सरकारी कार्य में बाधा डालने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, बलवा, लोकसेवक पर हमला, अपराध के लिए प्रेरित करने सहित अन्य गंभीर आरोपों में 150 अज्ञात बंदियों-कैदियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। उधर, पूरे मामले की जांच के लिए डीएम ने पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है।
शनिवार को डीएम-एसपी संग कमेटी के सदस्यों ने जेल में जाकर जांच करने के साथ बंदियों के बयान भी लिए। अफसरों का कहना है कि बहुत सारे तथ्य सामने आए हैं। दो-तीन दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि जेल में हुए उपद्रव के मामले में विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जांच की जा रही है। इसके लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की गई है। उपद्रव क्यों हुआ, दोषी कौन है, कितनी क्षति हुई, सब कुछ जांच से स्पष्ट होगा। जांच की मॉनीटरिंग उनके स्तर से सीधे की जा रही है । पहले दिन की पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। जल्द ही जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। पूरे घटनाक्रम में जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ हर  तरह की कार्रवाई होगी।

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