जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव की सरगर्मियां तेज, वोटो की खरीद फरोख्त शुरू



जौनपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर सरगर्मियां अब धीरे धीरे तेज होने लगी है। चुनाव लड़ने वाले राजनैतिक दल से अधिकृत एवं सम्भावित प्रत्याशियों द्वारा (मतदात) जिला पंचायत सदस्यों चौखट पर दस्तक शुरू हो गयी है। इतना ही नहीं सदस्यों की कीमत भी तय की जाने लगी है। कौन होगा जिला का प्रथम नागरिक यह तो अभी भविष्य के गर्भ में है लेकिन जंग छिड़ गया है संभावित प्रत्याशी संकेत करते है कि संग्राम भीषण होगा। 
यहां बता दें कि जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए समाजवादी पार्टी ने अपना अधिकृत प्रत्याशी निशी यादव पत्नी जीतेन्द्र यादव, बहू पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष कलावती यादव को सपा का प्रत्याशी घोषित कर चुनाव में उतार दिया है। वहीं सत्ताधारी दल से पूर्व सांसद अपना दल हरिवंश सिंह की पुत्र बधू  नीलम सिंह पत्नी रमेश सिंह को चुनाव के मैदान में आने की प्रबल संभावना है, हलांकि अभी पार्टी ने किसी को अधिकृत रूप से घोषित नहीं किया है। फिर भी भाजपाई प्रत्याशी के रूप में सदस्यो के बीच जा भी रहे है। तीसरे प्रत्याशी के रूप में पूर्व सांसद बाहुबली नेता धनन्जय सिंह की पत्नी श्री कला सिंह रेड्डी निर्दल प्रत्याशी के रूप में चुनावी जंग में मजबूती के साथ आ चुकी है। श्रीमती रेड्डी पहले राजनैतिक दलों से चुनाव लड़ने का प्रयास की लेकिन सफलता न मिलने पर निर्दल चुनावी समर में आ गयी है। खबर यह भी है कि एक सदस्य और भी है जो जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर बिराजमान होने के लिए बेचैन है उनकी भी मुम्बई की बड़ी आमदनी बतायी जा रही है। अभी अपना दल का प्रत्याशी बनने का प्रयास कर रही है लेकिन सदस्यों के बीच अभी नहीं गयी है जबकि अन्य सभी सदस्यों का दरबार कर चुके है।
जनपद में जिला पंचायत के कुल 83 सदस्य है जो अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। इन सदस्यों में खबर है कि सपा विचारधारा के लगभग 42 सदस्य चुनाव जीत कर आये है। भाजपा के महज 10 सदस्य चुनाव जीत सके है तो बसपा के भी 10 सदस्य विजयी हुए है 06 सदस्य अपना दल के चुनाव जीते है 02 उलेमा कौन्सिल के है तो एक आप के नाम पर सदस्य चुना गया है।शेष जीते सदस्य किसी दल से नाता नहीं रखते है। यहां यह स्पष्ट कर दूं कि जिला पंचायत की कुर्सी पाने के लिए प्रथम चक्र में 42 मतो की जरूरत होगी। जो सपा के पास दिख तो रही है लेकिन वोटो के खरीद फरोख्त का जो खेल चल रहा है उससे कौन कुर्सी पर आसीन होगा कहना कठिन है। यहां एक बात साफ करना उचित है कि अगर सपा के नेताओ ने पार्टी के साथ भितरधात नहीं किया तो सदस्य संख्या निशी यादव सपा के पक्ष में संकेत करती है। सूत्र बता रहे है कि सपा के कुछ बड़े नेता जिन्हे पार्टी ने सब कुछ दिया है विभीषण की भूमिका में देखे जा रहे है। ऐसा है तो पार्टी के सम्मान को बचाना कठिन हो सकता है ।
भाजपा से हरिवंश सिंह की बहू नीलम सिंह को चुनाव में आने की दशा में मुकाबला कड़ा होगा और सत्ता का बल लड़ाई को रोचक बना देगा। वहीं पूर्व सांसद धनन्जय सिंह अपनी पत्नी श्री कला सिंह को चुनाव मैदान में ला रहे है चुनाव में जो अधिक वोट खरीद लेगा वह जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज होगा इसमें धनन्जय सिंह पीछे रहने वाले नहीं है । कितनी हास्यास्पद स्थिति है कहने को तो चुनाव प्रक्रिया लोकतांत्रिक है लेकिन इसमें काम करेगा धनतंत्र जो जितना खरीद लेगा वह पांच साल जिले का प्रथम नागरिक कहा जायेगा। 
चुनावी जंग में आ चुके उपरोक्त तीनों प्रत्याशियों के समर्थक लगभग सभी सदस्यों चौखट पर हाजिरी लगा चुके है। खबर तो यह भी है वोट खरीद का रेट भी खोल दिया गया अभी सदस्यों के वोट की कीमत 15 लाख रूपये तक पहुंच चुकी है पैसे पहुंचने भी लगे है और पहरेदार मूक दर्शक की स्थिति में दृष्टिगोचर है। जबकि अभी तक अधिकृत रूप से चुनाव की तिथि भी घोषित नहीं हुई है। हलांकि जुलाई के प्रथम सप्ताह में चुनाव होने का अनुमान लगाया जा रहा है। 

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