चुनाव आयोग ने खर्चे के लिहाज से यूपी इन 33 विधानसभाओ को संवेदनशील की सूची में डाला


चुनाव आयोग  ने उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में 16 जिलों की 33 सीटों को खर्च के लिहाज से बेहद संवेदनशील की सूची में डाला है। इन 33 सीटों पर चुनाव आयोग की पैनी नजर रहेगी बीते दिनों यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने भी इन सीटों का जिक्र करते हुए इस पर कड़ी निगरानी की बात कही थी। आयोग ने इस बार चुनाव 40 लाख रूपये खर्च की सीमा निर्धारित किया है। यह 16 जिले पूरब से लेकर पश्चिम और बुंदेलखंड के शामिल हैं, लेकिन वीवीआईपी अमेठी जिले की चारों विधानसभा सीटें इसमें शामिल हैं। इसके साथ ही आजमगढ़ की 10 में से 7 विधानसभा सीटें शामिल हैं।
16 जिलों की 33 संवेदनशील सीटें सबसे पहले बात वीवीआईपी जिले अमेठी की करते हैं। चुनाव आयोग ने यहां की चारों विधानसभा सीटों को चुनावी खर्च के लिहाज से संवेदनशील की कैटेगरी में रखा है। सीट- अमेठी, गौरीगंज, तिलोई, जगदीशपुर आजमगढ़ ज़िले की 10 में से 7 विधानसभा सीटें- गोपालपुर, सकरी, आजमगढ़, निजामाबाद, फूलपुर, दीदारगंज और लालगंज। गाजीपुर जिले की 4 विधानसभा सीटें- गाजीपुर, जांगीपुर, मोहम्मनाबाद और जमानिया सीट शामिल हैं। सहारनपुर ज़िले की नकुर विधानसभा सीट, कुशीनगर ज़िले में एक विधानसभा सीट, महाराजगंज ज़िले में एक, कौशाम्बी ज़िले में दो विधानसभा सीट, ललितपुर ज़िले में ललितपुर और महरौनी विधानसभा सीट शामिल हैं, हरदोई ज़िले में एक, आगरा में फतेहपुर सीकरी, मथुरा जिले में दो छाता और मथुरा विधानसभा सीट, अलीगढ़ में एक विधानसभा सीट, गाज़ियाबाद ज़िले में एक विधानसभा सीट, बागपत ज़िले में एक और शामली ज़िले की कैराना विधानसभा सीट भी संवेदनशील सीटों की सूची में शामिल है।

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