बहन की पैरवी करने गये अधिवक्ता की लेखपालो ने किया पिटाई


जनपद आजमगढ़ के लालगंज तहसील में बहन की पैरवी के लिए एक अधिवक्ता पर कुछ लेखपालों ने हमला कर दिया। शोर सुनकर अधिवक्ताओं की भीड़ लेखपाल कक्ष की तरफ दौड़ पड़ी। जिसके बाद लेखपाल उस कमरे से भागने लगे। एक लेखपाल दौड़कर तहसीलदार के विश्राम कक्ष में छिप गया। जिसे घेरकर अधिवक्ता धरने पर बैठ कर नारेबाजी करने लगे।
सूचना मिलने पर सीओ लालगंज और देवगांव कोतवाली प्रभारी फोर्स के साथ पहुंच गए। जबकि एसडीएम और तहसीलदार पहले से मौजूद थे। नाराज वकील आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं। देवगांव कोतवाली क्षेत्र के कोटा खुर्द गांव निवासी उषा देवी पत्नी मनोज कुमार ने बताया कि गांव के आराजी नंबर 413 में हमारे ससुर ने 333 कड़ी भूमि का बैनामा लिया था। जिसका नामांतरण नहीं हो पाया है।
जिस भूमि पर मैं काबिज हूं, उसी नंबर में कुछ हिस्सा पोखरी का भी है। उन्होंने बताया कि हल्का लेखपाल बराबर धमकी देता है कि फसल काट लो, हम पोखरी का निर्माण कराएंगे। बुधवार को मैं एसडीएम से पोखरी का चिन्हीकरण कर कारवाई करने का आदेश करा कर अपने भाई मंतराज के साथ लेखपाल को देने गई थी।
लेखपाल ने आवेदन देखते ही अपशब्दों की बौछार शुरू कर दी। भाई मंतराज एडवोकेट ने जब इसका विरोध किया तो कमरे में बैठे सभी लेखपाल दरवाजा बंद कर मेरे भाई को पीटने लगे। हम लोग शोर मचाने लगे तो लेखपाल लोग दरवाजा बंद कर भाग गए।
हंगामा होते ही एसडीएम, तहसीलदार, सीओ, प्रभारी निरीक्षक देवगांव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। घायल अधिवक्ता को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। इधर, सभी अधिवक्ता आरोपी लेखपालों के विरुद्ध मुकदमा लिखकर उनको निलंबित करने की मांग पर अड़े हुए हैं।


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