आखिर यूपी कैडर के इस आईएएस अधिकारी ने वीआरएस के लिए आवेदन क्यों दिया,एक सप्ताह में तीन अधिकारी लिए वीआरएस


यूपी में एक हफ्ते में तीन आईएएस अफसरों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के लिए आवेदन कर दिया है। यूपी कॉडर की वरिष्ठ आईएएस अफसर और सीएम योगी की विश्वासपात्र रहीं रेणुका कुमार ने भी वीआरएस के लिए केंद्र सरकार को आवेदन किया है। उन्होंने तत्कालिक प्रभाव से वीआरएस देने की मांग की है। संघ लोक सेवा आयोग ने यूपी सरकार को इसकी जानकारी दी है।


रेणुका कुमार वर्ष 1987 बैच की आईएएस अफसर हैं। वह केंद्र में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में सचिव के पद पर तैनाती थीं। वह यूपी से 30 जून 2021 को केंद्र गई थीं। बीते माह 28 जुलाई को अचानक उन्हें यूपी के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया। बताते हैं इसके बाद ही उन्होंने वीआरएस के लिए आवेदन किया है। उनकी सेवानिवृत्ति जून 2023 में है।

वह यूपी में वह महत्वपूर्ण पदों पर रह चुकी हैं। उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विश्वास पात्रों में माना जाता रहा है। उनके वीआरएस मांगने के पीछे कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। पहली उन्होंने नाराजगी के चलते वीआरएस मांगा है और दूसरी उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। यह भी चर्चा है कि वह सक्रिय राजनीति में भी आ सकती हैं।

रेणुका कुमार से पहले यूपी कैडर के दो आईएएस अफसरों केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में केंद्रीय सूचना आयोग में सचिव पद पर तैनात आईएएस अफसर जूथिका पाटणकर और स्टडी लीव पर चल रहे 2003 बैच के आईएएस अफसर विकास गोठलवाल ने भी वीआरएस के लिए आवेदन किया था। यूपी में इसे पहले साल 2019 में वर्ष 1993 बैच के आईएएस अफसर राजीव अग्रवाल वीआरएस ले चुके हैं। पहले वह ऊबर में सीईओ बने और मौजूदा समय वह फेसबुक में हैं।


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