पुलिस से सवाल:अग्निपथ योजना के खिलाफ फैली अराजकता के खिलाफ दर्ज मुकदमों की विवेचना ठंन्डे बस्ते में क्यों


जौनपुर। पुलिस ने सेना में भर्ती संबंधी ‘अग्निपथ’ योजना को लेकर जनपद में विभिन्न स्थानों पर चार माह पूर्व हुई हिंसा से संबंधित दर्ज मुकदमों की कार्रवाई को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
शुरुआती एक सप्ताह तक कार्रवाई के बाद पुलिस अब हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है। अब तक न सभी अज्ञात आरोपित चिह्नित किए गए हैं और न ही सभी नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी हो सकी है। संपत्ति जब्तीकरण व कुर्की की प्रक्रिया भी शुरू नहीं की गई।
‘अग्निपथ’ को लेकर जून माह के तीसरे सप्ताह में जिले में विभिन्न स्थानों पर अराजकता की स्थिति पैदा की गई थी। सिकरारा, बदलापुर व लाइन बाजार में हिंसा, सरकारी व गैर सरकारी वाहनों में आगजनी, तोड़-फोड़ व लूटपाट की घटनाएं हुईं थीं। जिले में कुछ अन्य स्थानों पर भी विरोध प्रदर्शन के दौरान अप्रिय घटनाएं हुई थीं। इस संबंध में करीब दस मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज किए गए थे।
बलवा, लूट, हत्या के प्रयास, सरकारी कामकाज में बाधा, सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने व क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई थीं। इनमें 188 नामजद व करीब 650 अज्ञात आरोपित दर्शाए गए थे। नामजद आरोपितों में से करीब 60 की शुरू के ही एक सप्ताह में गिरफ्तारी हुई थी। आगजनी व तोड़-फोड़ में करीब 40 लाख की क्षति का आकलन किया गया था। इसकी भरपाई के लिए पुलिस महकमे ने आरोपितों की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही थी।
चार माह बीत जाने के बाद भी ऐसा कुछ नहीं हो सका है। सभी नामजद आरोपित तक की गिरफ्तारी नहीं की गई, अज्ञात को चिह्नित कर धर-पकड़ किए जाने की बात ही बहुत दूर है। थानाध्यक्ष सिकरारा विवेक कुमार तिवारी का कहना है कि नामजद 86 में से 32 आरोपित गिरफ्तार हुए थे। पांच ने हाईकोर्ट से अरेस्ट स्टे ले रखा है। अन्य नामजद आरोपित फरार चल रहे हैं। वहीं बदलापुर पुलिस दर्ज तीन मुकदमों में नामजद 86 में से 14 की ही गिरफ्तारी करने के बाद ठंडी पड़ गई।
सीसीटीवी कैमरों के फुटेज व वीडियो रिकार्डिंग से अज्ञात आरोपितों को चिह्नित करने का काम भी ठप हो गया। अलबत्ता इसके बहाने कुछ पुलिस कर्मी आज भी अपनी टेट गरम कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शन में जो भी शामिल रहे, उनमें से किसी के भी यहां पहुंचकर चिह्नित किए जाने का धौंस जमाकर कार्रवाई से बचाने के नाम पर धन उगाही कर लेते हैं।

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