महाठग की गिरफ्तारी के बाद परामर्शदात्री समितियां जानें क्यों की गई भंग



उत्तर रेलवे का जोनल सदस्य बनकर ठगी के मामले में अनूप चौधरी की गिरफ्तारी के बाद उत्तर रेलवे की क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समितियों (जेडआरयूसीसी) को भंग कर दिया गया है। वहीं, अन्य जोन और मंडल में भी इसकी तैयारी चल रही है। समिति में शामिल लोगों का नए सिरे से सत्यापन किया जा रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे की क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति गोरखपुर भी समय पूरा होने से पहले ही भंग हो गई है।
अयोध्या के पिलखुआ निवासी अनूप चौधरी पर पूर्व में मुकदमे दर्ज थे। इसके बावजूद उत्तर रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों ने सत्यापन नहीं कराया और क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति का सदस्य मनोनीत कर दिया। धोखाधड़ी, गबन समेत अन्य आरोपों में अनूप चौधरी की गिरफ्तारी के बाद समिति भंग कर दी गई।
इस घटना के बाद रेलवे बोर्ड ने सभी जोन और मंडल स्तर पर सदस्यों का नए सिरे से सत्यापन कराने का आदेश दिया है। जांच में पाया गया कि गोरखपुर का रहने वाला एक युवक गलत तरीके से सदस्य बन गया था। इसके बाद समिति भंग करनी पड़ी। इसी वर्ष मई में समिति गठित हुई थी। उत्तर रेलवे के नामित सदस्य शिशिर सिंह ने बताया कि समिति भंग कर दी गई।

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