सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर तदर्थ शिक्षको को मिलेगे बकाया वेतन तो, कुछ ऐसे शिक्षको की चली जाएगी नौकरी


सरकार ने दिवाली से दो दिन पहले माध्यमिक शिक्षा के एडेड विद्यालयों के तदर्थ शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। शासन ने लगभग 17 माह से रोके गए बकाया वेतन को प्रतिबंधों के साथ जारी करने का आदेश दिया है। वहीं, नियमानुसार नियुक्त न होने वाले तदर्थ शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने का भी निर्णय लिया गया है।
माध्यमिक के एडेड कॉलेजों में तैनात लगभग 1100 शिक्षकों का 17 माह पहले वेतन रोक दिया गया था। इसके बाद शिक्षकों ने पहले जिला व मंडल स्तर पर अधिकारियों से इस बारे में वार्ता की लेकिन समाधान नहीं निकला। इसके बाद वह शासन व निदेशालय का चक्कर काटते रहे। वहीं, पिछले दिनों निदेशालय पर 53 दिन तक याचना कार्यक्रम (धरना) चलाया था। इसमें भाजपा के एमएलसी भी शामिल हुए और जल्द वेतन जारी कराने का आश्वासन दिया। हालांकि मामला काफी पेंचीदा होने के कारण इसमें काफी समय लगा और शिक्षकों ने याचना कार्यक्रम आश्वासन पर समाप्त कर दिया था। इसी क्रम में माध्यमिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने शिक्षा निदेशक माध्यमिक को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए बकाया वेतन जारी करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा है कि उन तदर्थ शिक्षकों का बकाया वेतन का भुगतान स्वीकृत किया जाता है, जिनका सुप्रीम कोर्ट के 26 अगस्त 2020 के आदेश के क्रम में प्रभावित या रुका हुआ था। साथ ही इस तिथि तक उनकी सेवाएं, प्रमाणित व सत्यापित हों। इस परिधि में आने वाले तदर्थ शिक्षक, जिनकी सेवावधि के दौरान मृत्यु हो गई हो, उनके उत्तराधिकारी को मृत शिक्षक के शिक्षण कार्य किए जाने की अवधि का बकाया भुगतान भी किया जाएगा।
उन्होंने नियमानुसार प्रक्रिया पूरी कर बकाया भुगतान 30 दिन के अंदर करने का निर्देश दिया है। वहीं नियमानुसार नियुक्त न होने वाले तदर्थ शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने का भी निर्णय लिया है। इससे लगभग 500 शिक्षक प्रभावित होंगे। वहीं माध्यमिक तदर्थ शिक्षक संघर्ष समिति के संयोजक राजमणि सिंह ने सरकार के 17 माह के बकाया वेतन भुगतान का आदेश जारी करने पर मुख्यमंत्री व प्रमुख सचिव माध्यमिक का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि तदर्थ शिक्षकों के नियमितीकरण व अन्य के सेवा संरक्षण के लिए भी गुहार लगाई जाएगी।

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