सोलर पंप व सोलर रूफ टॉप योजनाओं के विस्तार पर हुआ संवाद
प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी के आर्थिक सलाहकार समूह के सदस्य एवं ऊर्जा विशेषज्ञ **श्री रविकांत मिश्रा जी** ने गुरुवार को **कलेक्ट्रेट सभागार** में जनपद के सोलर पंप लाभार्थियों, सोलर पंप प्रदाता वेंडरों, विद्युत विभाग एवं यूपीनेडा के अधिकारियों के साथ **सोलर पंपों के विस्तार तथा सोलर रूफ टॉप योजनाओं** के संबंध में संवाद किया।
इस अवसर पर उन्होंने **प्रधानमंत्री कुसुम योजना** के अंतर्गत किसानों के यहाँ स्थापित सोलर पंपों से हो रहे लाभों की विस्तृत जानकारी ली। साथ ही **पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना** के अंतर्गत स्थापित सोलर रूफ टॉप के लाभार्थियों से फीडबैक प्राप्त किया।
बैठक के दौरान किसानों के बीच सोलर पंपों की घटती मांग के कारणों पर चर्चा हुई। इस संबंध में **उप कृषि निदेशक** ने अवगत कराया कि वर्तमान में सिंचाई हेतु मुफ्त विद्युत आपूर्ति, विद्युत चालित पंपों की अपेक्षा सोलर पंपों से कम जल डिस्चार्ज, तथा छतों पर सोलर रूफ टॉप न लगाए जाने जैसे कारण प्रमुख हैं।
बैठक में उपस्थित लाभार्थियों ने बताया कि **पीएम सूर्य घर योजना** से स्थापित सोलर रूफ टॉप से उनके बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आई है। साथ ही सोलर सिस्टम में किसी प्रकार का मेंटेनेंस न होने से यह अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रहा है। सूर्य की रोशनी से बिजली उत्पादन कर वे नियमित रूप से बिजली बिल में बचत कर रहे हैं।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए **उप परियोजना निदेशक (आत्मा) डॉ. रमेश चंद्र यादव** ने बताया कि पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत स्थापित सोलर पंपों से जनपद के सिंचित क्षेत्र में लगभग **एक प्रतिशत की वृद्धि** हुई है। सोलर पंपों के समुचित उपयोग से फसलों के उत्पादन में वृद्धि होगी, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी तथा दलहनी फसलों की खेती से **मृदा उर्वरता** में भी सुधार होगा।
बैठक में **मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अम्बष्ट**, **उप कृषि निदेशक डॉ. वी.बी. द्विवेदी**, नेडा परियोजना प्रभारी, जिला कृषि अधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत, पीएम कुसुम एवं पीएम सूर्य घर योजना के वेंडर तथा लाभार्थी किसान उपस्थित रहे।
इसके उपरांत **बक्सा क्षेत्र के बबुरा गांव** निवासी कृषक **राम यश यादव** के यहाँ पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत स्थापित सोलर रूफ टॉप एवं पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत स्थापित सिंचाई सोलर पंपों का स्थलीय सत्यापन किया गया तथा किसानों से प्रत्यक्ष फीडबैक लिया गया।
किसानों ने सुझाव दिया कि यदि **सोलर पंपों की मरम्मत हेतु उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाए**, तो इससे किसानों की रुचि बढ़ेगी और कृषि का **सतत विकास** सुनिश्चित हो सकेगा।
Comments
Post a Comment