पुरानी पेंशन बहाली को लेकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ का ट्वीटर महाअभियान


 

 1.4मिलियन( लगभग 14 लाख) ट्वीट  कर  इण्डिया ट्रेंडिंग में प्रथम स्थान बनाकर आज पुरानी पेंशन के लिए राष्ट्र स्तर पर आवाज़ बुलंद किया उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने - अरविंद  शुक्ला 

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने  प्रांतीय अध्यक्ष डा0 दिनेश चंद्र शर्मा के नेतृत्व में पुरानी पेंशन बहाली की अपनी अति महत्वपूर्ण मांग को लेकर WE WANT OLD PENSION   हैशटैग के द्वारा ट्विटर पर प्रातः 10 बजे से अभियान चलाकर 1.4 मिलियन( लगभग 14 लाख) ट्वीट करके विश्व स्तर की ट्रेंडिंग में प्रथम स्थान पर पहुंचा दिया, जिससे आज यह  महत्वपूर्ण मांग राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं बल्कि  अंतराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गयी। 
   भारत सरकार ने  23  अगस्त 2003 को संकल्प पत्र के माध्यम से देश के शिक्षक/ कर्मचारियों की पेंशन सुविधा खत्म कर उनके बुढ़ापे की लाठी छीन कर बेसहारा कर दिया, और 1- अप्रैल -2005 को उत्तर प्रदेश की सरकार ने भी उसी का अनुसरण करते हुए प्रदेश के  शिक्षक/ कर्मचारियों की पेंशन सुविधा खत्म कर नई पेंशन स्कीम लागू कर दी, जो एनपीएस के नाम से जानी जाती है, न्यू पेंशन स्कीम दरअसल नो पेंशन स्कीम है यह प्रदेश के शिक्षक/ कर्मचारियों के साथ किया गया एक क्रूर मजाक व छलावा है
   उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डा0 दिनेश चंद्र शर्मा ने शिक्षक/ कर्मचारियों की पुरानी पेंशन को लेकर पूरे प्रदेश में एक मुहिम चलाई, उन्होंने प्रदेश के सभी जिम्मेदार शिक्षक व कर्मचारी संगठनों से वार्ता कर पुरानी पेंशन पुनः बहाल कराने हेतु" उत्तर प्रदेश शिक्षक',कर्मचारी, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच"  नाम से एक वृहत्तर एकता मंच का 1 जुलाई 2018 को गठन किया,उनकी सोच व उनके प्रयासों को देखते हुए पूरे प्रदेश के कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी संगठनों ने डाक्टर दिनेश चंद्र शर्मा को उस मंच का सर्वसम्मत अध्यक्ष बनाया, डाक्टर शर्मा के नेतृत्व में पुरानी पेंशन की बहाली के लिए प्रदेश व्यापी संघर्ष शुरू हुआ, धरना, प्रदर्शन, जुलूस, रैली,मशाल जुलूस के द्वारा इस संघर्ष को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया गया,  8 अक्टूबर 2018 को लाखों की संख्या में शिक्षक कर्मचारी व अधिकारी  संवर्ग ने  लखनऊ के इको गार्डन में रैली कर डाक्टर दिनेश चंद्र शर्मा के नेतृत्व में अपना भरोसा जताया, सरकार ने झुक कर वार्ता भी किया, 24 अक्टूबर 2018 को सरकार द्वारा उच्च स्तरीय समिति बनाई गई, लेकिन कोई सार्थक हल न निकल पाने के कारण हड़ताल की घोषणा हुई, 6,व 7 फरवरी 2019 को दो दिन सफलतापूर्वक  हड़ताल चली भी लेकिन हड़ताल की सफलता से घबराकर सरकार न्यायालय की शरण चली गयी,न्यायालय ने हड़ताल को रोकने का निर्णय कर दिया तो न्यायालय के निर्णय के सम्मान में हड़ताल स्थगित कर दी गयी
 पुरानी पेंशन की मांग को लेकर अपने उसी संघर्ष की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए आज ट्विटर पर प्रदेश अध्यक्ष डा0 दिनेश चंद्र शर्मा के नेतृत्व में ट्विटर पर अभियान चलाया गया जिसे ऐतिहासिक सफलता मिली,  प्रदेश अध्यक्ष डाक्टर दिनेश चंद्र शर्मा ने इस सफलता का श्रेय पूरे प्रदेश के शिक्षकों  ,कर्मचारियों व संगठन के पदाधिकारियों को देते हुए  कहा कि जब तक  सरकार प्रदेश में नई पेंशन स्कीम खत्म कर  पुरानी पेंशन लागू नहीं कर देती तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।

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