अध्यापिका के साथ प्रिंसिपल ने की छेड़छाड़ बड़ी मशक्कत के बाद हुई एफआइआर दर्ज,विवेचना शुरू


सरकार दावा करती है कि नौकरी करने वाली महिलाओ के सुरक्षा की पूरी व्यवस्था कानून बना कर किया जा चुका है लेकिन आये दिन प्रदेश में नौकरी पेशा महिलाओ के साथ हो रही घटनायें सरकार के दावों की पोल खोल रही है। जी हां ताजा मामला जनपद भदोही के थाना सुरियावां क्षेत्र स्थित एक राजकीय हाईस्कूल का प्रकाश में आया है जिसकी एक अध्यापिका ने प्रिंसिपल पर छेड़खानी का आरोप लगाया है। पीड़ित अध्यापिका की तहरीर पर प्रधानाध्यापक लालचन्द गौतम पर सुरियावां पुलिस ने सम्बधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही में जुट गयी हैं।
जिलाधिकारी को पत्रक देकर अध्यापिका ने अवगत कराया था कि प्रिंसिपल साहब विद्यालय में कपड़े से कुर्सी मेज साफ कर रहे थे, उसी समय मैंने उनको ज्येष्ठता एवं उम्र का ख्याल रखते हुए उनसे कहा कि सर आप क्यों साफ कर रहे हैं, ये सब आपसे अच्छा नहीं लगता, कपड़ा दीजिए मैं साफ कर देती हूं। मैं उनकी कुर्सी, मेज साफ कर रही थी, उसी समय उन्होंने मेरी तरफ बुरी नियत से घुरते हुए अश्लील शब्दों का प्रयोग किया। मेरे साथ गलत हरकत व छेड़छाड़ करने लगे। उन्होंने मुझे धमकी देते हुए कहा कि अगर तुमनें किसी से कहा तो मैं तुझे जान से मरवा दूंगा।
पीड़िता ने बताया कि इस बात की सूचना 28 अगस्‍त को कोतवाली ज्ञानपुर को दिया प्रभारी कोतवाली ज्ञानपुर ने प्रभारी चौकी कस्बा ज्ञानपुर को कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने रिपोर्ट दर्ज न करके 3 सितम्बर को कहा कि यह घटना सुरियावां थाना की है। प्रार्थिनी 3 सितम्बर को ही सुरियावां थाना में रिपोर्ट दर्ज कराने हेतु गई। किन्तु प्रभारी कोतवाली सुरियावां ने कहा कि इसमें जिलाधिकारी अथवा अन्य किसी उच्च अधिकारी की अनुमति जरूरी है, तभी हम एफआइआर दर्ज कर पायेंगे। पीड़िता ने एफआइआर दर्ज कराने के लिए जिलाधिकारी से गुहार लगाई है। जिलाधिकारी से गुहार लगाने के बाद अध्यापिका की तहरीर पर सुरियावां पुलिस ने आरोपी प्रिंसिपल के खिलाफ आइपीसी की धारा 354 (क), 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। अब विवेचना शुरू हो गयी है। 

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