अन्धा कानूनः जो अपराध किया ही नहीं उसी में शासन के दबाव पर जेल गया जमाल, जानें क्या है दुष्कर्म का सच


जौनपुर। थाना कोतवाली सदर पुलिस की एक कार्यवाई ने साबित कर दिया कि कानून अन्धा होता है उसे सच से मतलब नहीं है। जी हां भारी प्रशासनिक दबाओ के कारण जनपद के थाना कोतवाली पुलिस ने 2019 में दर्ज एक फर्जी बलात्कार के मुकदमें में आखिरकार एक अभियुक्त को गिरफ्तार करना ही पड़ा है। इस पूरे घटनाक्रम सच्चाई को जानने का प्रयास न तो शासन में बैठे शीर्ष अधिकारियों ने किया न ही कानून ने इस घटना के सच पर नजर डाली थी।
यहां बतादे कि शहर कोतवाली स्थित पान दरीबा निवासी साहिल नामक व्यक्ति की पुत्री एलिया ने 2018 में हुई अपनी शादी को छिपा कर 2019 में थाना कोतवाली क्षेत्र स्थित मुहल्ला मुफ्ती मोहाल निवासी हसन जाहिद के पुत्र हसन जमाल से प्रेम किया फिर भाग कर मुम्बई में शादी कर लिया। इसके बाद जब दोनो पुनः जौनपुर वापस लौटे तो सच की पोल खुली इसके बाद हसन जमाल ने एलिया से सम्बनध खत्म कर लिया। तत्पश्चात एलिया ने बजरिए कोर्ट थाना कोतवाली में मुअसं 412/19 से धारा 376 डी, 328, 334, 506 भादवि  के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया। विवेचना के बाद विवेचक दरोगा ने फाइनल रिपोर्ट दाखिल कर दिया संयोग से कोर्ट में एफआर स्वीकार नहीं हुई थी। इसी बीच साहिल और रूसेद मिर्जा की गिद्ध नजर चेहल्लुम की बेस कीमती जमीन पर पड़ गयी। दोनों जमीन को हथियाने के प्रयास में जुट गये लेकिन जमीन का मुतवल्ली होने के नाते हसन जाहिद ने विरोध शुरू कर दिया। जमीन पर कब्जा न मिलने से तिलमिलाये साहिल और रूसेद मिर्जा ने हसन जाहिद के परिवार को फंसाने का रास्ता खोजा और 2019 में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या  412 में फाइनल रिपोर्ट के खिलाफ कोर्ट में प्रार्थना पत्र डाल दिया कोर्ट ने पुनर्विवेचना का आदेश कर दिया।


विवेचना क्राइम इन्सपेक्टर तारावती को मिली, दूसरी ओर एलिया खुद को शहनायी वादक बिस्मिल्लाह खां की नातिन बताते हुए शासन प्रशासन यहां तक कि मुख्यमंत्री के दरबार में कथित बलात्कार की घटना को तूल दिया और कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद भी पुलिस गिरफ्तारी से परहेज कर रही है। पुलिस के उपर प्रदेश के उच्चाधिकारियों का इतना अधिक दबाव आया कि सच दब गया और फर्जी केश में कार्यवाई शुरू हो गयी। कार्यवाई के क्रम में विवेचक क्राइम इन्सपेक्टर तारावती यादव ने एलिया के पति बने हसन जमाल को बलात्कार के आरोप में आज गिरफ्तार कर उपरोक्त धाराओं में जेल भेज दिया है। हलांकि इस मुकदमें में हसन जमाल के पिता और भाई भी अभियुक्त बनाये गये है पुलिस दबाव के चलते पूरा परिवार घर छोड़कर फरार हो गया है। है न अन्धा कानून जो अपराध किया ही नहीं उसमें जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ा है।

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