जौनपुर मूल के चिकित्सक डॉ विवेक गुप्ता ने फिर हासिल की एक और उपलब्धि


पंजाब प्रांत के अकादमी ऑफ मेडिकल साइंस स्पेशलिटी के चेयरमैन का पद का मिला दायित्व

जौनपुर । प्रतिभाएं परिस्थितियों की मोहताज नहीं होती अगर समर्पण और जुझारूपन हो तो, उसमें चार चांद लग जाता है। जनपद के चिकित्सक डॉ विवेक गुप्ता की सफलता यात्रा दास्ताँ इस विश्वास को और मजबूत करती है। आई एम ए अकादमी ऑफ मेडिकल साइंस स्पेशलिटी पंजाब प्रांत के चेयरमैन पद पर उनका पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि मेहनत लगन के साथ काम किया जाए तो सफलताएं कदम चूमती है ।
जनपद के केराकत तहसील के मूल निवासी डॉ विवेक गुप्ता की प्रारंभिक शिक्षा- दीक्षा नगर के खासनपुर स्थित भारती विद्या मंदिर और माध्यमिक शिक्षा प्रतिष्ठित नगर पालिका इंटर कॉलेज में हुई ।  इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विज्ञान स्नातक डॉ गुप्ता का चयन सीपीएमटी के माध्यम से बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में हुआ। के.ई.एम. कॉलेज एंड  हॉस्पिटल मुंबई से चिकित्सा शिक्षा परास्नातक डॉ. गुप्ता ने नवप्रवेशी ब्रांच क्रिटिकल केयर को जनसेवा के लिए चयनित किया। अत्यंत संभावना वाली इस ब्रांच में उन्होंने स्वाध्याय एवं अभिनव प्रयोग द्वारा ढेरों  प्रतिमान कायम किए।


उनके किए गए अनुसंधानों में 'मौत के भाई सल्फास' के जहर को उपलब्ध संसाधनों से निष्प्रभावी कर प्राण रक्षा प्रणाली काफी चर्चा में है । देश  ही नहीं विदेशो में भी यह अविष्कार खासा लोकप्रिय हो रहा है। विशेष रूप से ईरान,मिस्र और सऊदी अरब में यह प्रणाली वहां तेल के कुओं से निकलने वाली फास्फीन गैस से पीड़ितों को जीवन दान दे रही है। इतना ही नहीं कोरोना काल में  संक्रमण पीड़ितों के इलाज के दौरान चिकित्सकों और चिकित्सा टीम के बचाव के लिए ईजाद किया गया लाइफ बॉक्स लाभकारी सिद्ध हो रहा है। ऑक्सीजन कमी के दौरान डॉक्टर विवेक ने आईआई टी रोपड़  के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर ऑक्सीजन बचत के लिए ऑक्सीजन सेवर नाम की एक बहुउद्देशीय और बहु उपयोगी डिवाइस का निर्माण किया। जिससे मरीजों की ऑक्सीजन आवश्यकता में  कटौती किए बगैर 30 से 40% तक बचत की जा सकती है। दूसरे चरण के कोरोना संक्रमण के दौरान यह डिवाइस गेम चेंजर साबित हुई।
ढाई दशक से मरीजों और  पीड़ितों की अहर्निश सेवाओं के लिए डॉक्टर विवेक को समय-समय पर सम्मान और उपाधियों से भी नवाजा गया।
सन 2017 में इंडियन कॉलेज ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन ने उन्हें उनके अनवरत अनुसंधान, पाठन एवं नेशनल ट्रेनर के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण की उत्कृष्ट सेवाओं के लिए परास्नातक फेलोशिप से नवाजा । वर्ष 2018-19 में अद्वितीय एवं उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के लिए आईएमए की एकेडमिक इकाई ने डॉ विवेक गुप्ता को राष्ट्रीय स्तर पर दिए जाने वाले प्रतिष्ठापरक डॉ ए.के. एन. सिन्हा पुरस्कार से सम्मानित किया। पूरे देश में सीपीआर ट्रेनिंग प्रोग्राम की रूपरेखा तैयार करने और सार्क देशों के साथ-साथ पूरे देश में इस प्रोग्राम को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाने के लिए उन्हें यह पुरस्कार दिया गया था।
 डॉ विवेक गुप्ता संप्रति हीरो डीएमसी हार्ट सेंटर लुधियाना में  कंसलटेंट एवं वरिष्ठ क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ नेशनल ट्रेनर के तौर पर भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि अकैडमी आफ मेडिकल साइंसेज स्पेशलिटी के राज्य अध्यक्ष के रूप में वे जनमानस और पीड़ितों के लिए अधिक बेहतर कर पाएंगे । नई जिम्मेदारियों से उत्साहित डॉ गुप्ता का कहना है उनके नेतृत्व में चिकित्सा शास्त्र के विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान की बेहतर संभावनाओं की तलाश की जाएगी। विशेष रूप से आकस्मिक एवं आपात चिकित्सा के क्षेत्र में चिकित्सकों के बीच नई तकनीकी सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए सिस्टम बनाना उनकी प्राथमिकता होगी। जिससे मानव कल्याण में चिकित्सक अपना सर्वोच्च योगदान कर सकें ।

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