तीन भ्रष्टाचारी दरोगा हुए निलंबित विभाग में हड़कंप


जौनपुर। जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय साहनी द्वारा तीन उ0नि0 को पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने व लापरवाही, अकर्मण्यता, अनुशानहीनता के आरोप में निलंबित किये जाने की कार्रवाई के बाद से विभाग में हड़कंप मच गया है।
थाना चन्दवक पर तैनात उ0नि0 विजय बहादुर सिंह द्वारा वादिनी के तहरीर पर पंजीकृत कराए गए एनसीआर की विवेचना सम्पादित की जा रही थी कि उक्त एनसीआर के सम्बन्ध में हुई वार्ता के क्रम में इनका आडियो प्राप्त हुआ है, जिसमें इनके द्वारा इस एनसीआर में अभियुक्त पक्ष का बचाव किये जाने हेतु रुपये-पैसों की मांग की जा रही है, जिससे विभाग की छवि धूमिल हुई। उक्त आडियो को संज्ञान में लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा  तत्काल प्रभाव से उ0नि0 विजय बहादुर सिंह निलम्बित किया गया है। 
दिनांक-31मई 22 को उ0नि0 हैदर अली थाना सुरेरी जौनपुर, थाना सरपतहाँ पर पंजीकृत आर्म्स एक्ट के मुकदमें से सम्बन्धित माल मुकदमाती लेकर अभियोजन स्वीकृति हेतु कार्यालय जिलाधिकारी जौनपुर रवाना हुए थे, जिन्हे शिकायकर्ता महातिम पाण्डेय के मुकदमें में नाम निकालने के लिए 10000/ रुपया लेते हुए एंटी करेप्सन टीम, वाराणसी के ट्रैप टीम की प्रभारी संध्या सिंह द्वारा 31मई 22 को थाना मड़ियाहूँ पर मुकदमा पंजीकृत कराकर जेल भेजा गया है, जिससे पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई। उपरोक्त के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक ने उ0नि0 हैदर अली को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया। 
01 जून 22 को व्हाट्सऐप पर एक विडियो प्राप्त हुआ, जिसमें उ0नि0 राम नारायण गिरि थाना सरपतहाँ द्वारा किसी प्राइवेट व्यक्ति से कोई कार्य कराने हेतु धन की व्यवस्था करने एवं एसडीएम व एडीएम आदि अधिकारियों से मैनेज कराने की बात कही जा रही है। प्राप्त विडियो को संज्ञान में लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा तत्काल प्रभाव से उपरोक्त उ0नि0 राम नारायण गिरि को निलम्बित किया गया।

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