दो हजार की नोट को लेकर आरबीआई के आदेश जारी होते ही सियासी बयान बाजी शुरू, सपा ने डिप्टी सीएम पर की यह टिप्पणी



आरबीआई ने 2,000 रुपये के नोट को बन्द करने और चलन से बाहर करने की घोषणा के बाद से इस घोषणा के साथ ही सियासी बयानबाजी शुरू हो गई। यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की इस फैसले पर प्रतिक्रिया आई तो समाजवादी  नेता ने उनको करारा जवाब दिया।
डिप्टी सीएम ने पहले कहा कि, "नोट बंदी की घोषणा के बाद अब रिज़र्व बैंक ने 2000 रूपये के नोट वैध बनाए रखते हुए 2000 के नोट वापसी व नये नोट नहीं छापने से काले धन वाले घबड़ायेंगे,प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने को बड़े और कड़े कदम उठाने का स्वागत करता हूँ। मोदी हैं तो मुमकिन है।"
इसका जवाब देते हुए सपा नेता ने कहा, "क्या विडम्बना है? हर काम में 6 % कमीशन लेने वाला, भ्र्ष्टाचार और कालेधन की बात करता है ? आकंठ भ्र्ष्टाचार में डूबने के कारण सीएम आदित्यनाथ ने PWD मंत्रालय छीन लिया.18 कामधेनु ग्रुप ऑफ कंपनी के मालिक बन गए देशभर में निवेश किया। वह व्यक्ति भ्र्ष्टाचार मुक्त होने की बातें करता है?"
बता दें इसके पहले आरबीआई ने शुक्रवार की शाम को जारी एक बयान में कहा कि अभी चलन में मौजूद 2,000 रुपये के नोट 30 सितंबर तक वैध मुद्रा बने रहेंगे। इसके साथ ही आरबीआई ने बैंकों से 2,000 रुपये का नोट देने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने को कहा है। उसने बैंकों से 30 सितंबर तक ये नोट जमा करने एवं बदलने की सुविधा देने का आदेश जारी किया है। बैंकों में जाकर 23 मई से 2,000 रुपये के नोट बदले और जमा किए जा सकेंगे। हालांकि एक बार में सिर्फ 20,000 रुपये मूल्य के नोट ही बदले जाएंगे। 
बहरहाल, आरबीआई ने यह साफ नहीं किया है कि कोई व्यक्ति अधिकतम कितने मूल्य के 2,000 रुपये के नोट बैंकों में जमा कर सकता है. लेकिन उसने एक बार में अधिकतम 10 नोट ही बदले जाने की बात कही है।

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