*सोनभद्र- वाराणसी में औसत से अधिक तो जौनपुर में कम बरसे बादल*


पूर्वांचल में इस बार समय से पहले आए मानसून ने लोगों को पर्याप्‍त राहत तो दी है ले‍क‍िन बार‍िश का स्‍तर काफी उतार चढ़ाव भरा रहा है। पूर्वांचल के अलग अलग ज‍िलों में अलग अलग मानकों पर औसत के करीब या कम डाटा अब तक सामने आया है। 

वहीं दूसरी ओर वाराणसी और सोनभद्र आद‍ि जि‍लों में पूर्वांचल में सर्वाध‍िक बरसात दर्ज की गई है। मौसम व‍िभाग ने हालांंक‍ि इस बार बरसात की बेहतर उम्‍मीद जताई थी। इस ल‍िहाज से बरसात का औसत से अधि‍क या करीब रहना इस बात का संकेत है क‍ि पूर्वांचल में बरसात कुछ हद तक राहत भरी रही है। 

मौसम व‍िभाग के आंकड़ों के अनुसार इस मानसूनी सत्र में एक जून से अब तक हुई कुल वर्षा के आंकड़ों को देखें तो बादल अब तक सबसे अधिक सोनभद्र और फिर बनारस पर ही मेहरबान रहे।

इन्हीं दो जिलों में अब तक औसत से अधिक वर्षा हुई है। अन्य जिले अभी औसत वर्षा के आंकड़ों से पीछे चल रहे हैं। सबसे कम वर्षा अभी तक जौनपुर में हुई है, वहां का आंकड़ा औसत वर्षा से 63 प्रतिशत कम है।

इस बार सोनभद्र अभी तक वर्षा में सबसे आगे है वहां, औसत से 39 प्रतिशत अधिक बरसात दर्ज की गई है तो वाराणसी में 23 प्रतिशत तक अधिक बरसात औसत के सापेक्ष हो चुकी है।

इन दोनों जनपदों के अतिरिक्त पूर्वांचल के अन्य जनपदों में अभी तक वर्षा का आंकड़ा औसत से काफी नीचे ही बना हुआ है। 30 और 31 जुलाई को यद‍ि बरसात ने आंकड़ों को दुरुस्‍त क‍िया तो ठीक अन्‍यथा बाकी ज‍िलों के ल‍िए अगले दो मानसूनी माह‍ राहत भरे नहीं रहे तो चुनौत‍ियां तय हैं।

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