बरसात ने खोली नगर पालिका की पोल, ईशापुर बना तालाब


कागज़ी दावों के बीच जलभराव से त्रस्त मोहल्लेवासी, जिम्मेदार बने मौन दर्शक


जौनपुर। चंद घंटों की बारिश ने एक बार फिर नगर पालिका प्रशासन के दावों की हकीकत उजागर कर दी। शनिवार को हुई तेज बरसात के बाद शहर का ईशापुर मोहल्ला तालाब में तब्दील हो गया। गली-मोहल्लों में घुटनों तक पानी भर गया और सड़कों का हाल झील जैसा नज़र आया।

स्थानीय निवासी मोहम्मद आरिफ़ ने कहा हर साल बरसात में यही हाल होता है। अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं, लेकिन नाली और जलनिकासी की समस्या जस की तस बनी रहती है।

वहीं दुकानदार सुरेश गुप्ता ने नाराज़गी जताते हुए कहा, “दुकानों तक पानी पहुंचने लगा है। अगर लगातार बारिश हुई तो सामान बर्बाद हो जाएगा। नगर पालिका के लिए यह बस कागज़ी खानापूर्ति का मामला है।

मोहल्ले की एक महिला गृहिणी ने कहा, “घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है। बच्चे तक बाहर नहीं जा पा रहे हैं। हमें लगता है जैसे तालाब में रह रहे हों।

राहत की बात यह रही कि शनिवार को स्कूलों की छुट्टी थी, वरना मासूम बच्चों को कीचड़ और पानी से जूझना पड़ता।

लोगों ने साफ शब्दों में कहा कि नगर पालिका कागज़ों पर बड़े-बड़े प्रोजेक्ट दिखाकर वाहवाही लूटती है, लेकिन ज़मीनी हकीकत यही है कि बारिश आते ही पूरा ईशापुर डूब जाता है।


स्पष्ट है कि प्रशासन के दावे महज़ कागज़ी साबित हो रहे हैं, जबकि जनता हर बरसात में जलभराव और कीचड़ की मार झेलने को मजबूर है।

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