उच्च दक्षता वाले फंक्शनल मटेरियल्स का विकास समय की मांगः कुलपति
पीयू में ‘एडवांस्ड फंक्शनल मैटेरियल्स’ पर राष्ट्रीय सेमिनार सम्पन्न
ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिए नवीन पदार्थों के विकास पर विशेषज्ञों ने रखे विचार
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के सेंटर फॉर रिन्यूएबल एनर्जी एवं प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) भौतिक विज्ञान अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान द्वारा “एडवांस्ड फंक्शनल मैटेरियल्स फॉर एनर्जी एप्लिकेशंस” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का सफल आयोजन बुधवार को किया गया। सेमिनार विश्वविद्यालय को प्राप्त DST–PURSE परियोजना के अंतर्गत आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उच्च दक्षता वाले फंक्शनल मटेरियल्स का विकास समय की मांग है। ऐसे पदार्थ ऊर्जा उपकरणों के स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा देंगे और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को सुदृढ़ करेंगे।
कार्यक्रम के स्वागताध्यक्ष प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने फंक्शनल एवं नैनोस्ट्रक्चर्ड पदार्थों की ऊर्जा तकनीकों में बढ़ती उपयोगिता पर प्रकाश डाला। विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता प्रो. राजेश शर्मा ने सूक्ष्मजीवी प्रणालियों से ऊर्जा उत्पादन की संभावनाओं को ऊर्जा क्षेत्र का उभरता पहलू बताया। अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के समन्वयक प्रो. देवराज सिंह ने भारतीय परिप्रेक्ष्य में सौर ऊर्जा दोहन को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की कुंजी बताया।
तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने विभिन्न शोध विषयों पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किए। प्रो. मृगेन्द्र दुबे ने सॉफ्ट पदार्थों के ऊर्जा अनुप्रयोगों पर चर्चा की। प्रो. ओ. पी. सिन्हा ने सब्जियों व जैविक अपशिष्टों से सुपरकैपेसिटर विकसित करने की संभावनाओं का उल्लेख किया। प्रो. एस. एन. पांडेय ने सुपरकैपेसिटर व बैटरियों हेतु उन्नत पदार्थों के गुणधर्मों पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. उपेन्द्र कुमार ने फ्यूल सेल निर्माण और हाइड्रोजन ऊर्जा में फंक्शनल मटेरियल्स की भूमिका पर व्याख्यान दिया।
इस अवसर पर डीएसटी– पर्स परियोजना कार्यान्वयन समूह के डॉ. पुनीत धवन, डॉ. आलोक कुमार, डॉ. रमांशु सिंह, डॉ. अजीत सिंह, डॉ. मिथिलेश यादव, डॉ. दिनेश वर्मा सहित संस्थान के प्रो. गिरधर मिश्रा, डॉ. श्याम कन्हैया, डॉ. शशिकांत एवं डॉ. प्रमोद कुमार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा के प्रो. ओ. पी. सिन्हा, एम.एन.एन.आई.टी. प्रयागराज के प्रो. एस. एन. पांडेय, आई.आई.टी. इंदौर के प्रो. मृगेन्द्र दुबे तथा आई.आई.आई.टी. प्रयागराज के डॉ. उपेन्द्र कुमार ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में भाग लिया।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. धीरेंद्र कुमार चौधरी ने सेमिनार की रूपरेखा एवं परियोजना की उपलब्धियों पर जानकारी दी। संचालन डॉ. काजल कुमार डे ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुजीत के. चौरसिया ने दिया। सेमिनार में विभिन्न विभागों के शिक्षक, शोधार्थी व लगभग 300 विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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