शराब की दुकानों को खोलने की मांग शुरू, रोज हो रहा है 100 करोड़ रुपये का नुकसान



उत्तर प्रदेश में कोरोना के फैलते संक्रमण को देखते हुए पंचायती चुनाव के समय से बंद पड़ी शराब की दुकानों को खोलने की सिफारिशें शुरू हो गयी हैं। प्रदेश के शराब विक्रेता वेलफेयर असोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बंद पड़ी शराब की दुकानों को खोलने की मांग की है।
कारोबारी कर रहे दुकानें खोलने की मांग
शराब विक्रेता वेलफेयर असोसिएशन के महामंत्री कन्हैयालाल मौर्य ने कहा कि पंचायती चुनाव के पहले से ही कोरोना महामारी के बीच लागू हुए कर्फ्यू के समय से ही सभी शराब की दुकानें बंद हैं। उन्होंने कहा कि इस बीच शासन के आदेशपत्र के साथ आबकारी विभाग द्वारा ऐसा कोई आदेश नहीं प्राप्त हुआ, जिसमें लाइसेन्स धारकों को शराब की दुकान बंद रखने की बात कही गयी हो। ऐसी स्थिति में प्रदेश के सभी शराब कारोबारी बंद पड़ी दुकानों को खोलने की मांग कर रहे हैं।
'रोजाना हो रहा 100 करोड़ का नुकसान'
असोसिएशन के महामंत्री कन्हैयालाल मौर्य ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे गए पत्र में बताया कि इतने समय से बंद पड़ी शराब की दुकानों से प्रदेश में प्रतिदिन 100 करोड़ से अधिक का नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही शराब की दुकानों के बंद होने से निर्धारित मासिक कोटा और लाइसेंस फीस की चिंता भी सता रही है।

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