विधान सभा के चुनाव में पति के विरोध में पत्नी ने दूसरे दल से जानें क्यों संभाली है मोर्चा


जौनपुर। विधान सभा के इस चुनाव में ऐसे भी लोग चुनाव के मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे है और जनता से वोट मांग रहे है जिनका परिवार ही दूसरे दल के प्रत्याशी के प्रचार में लगा है। जी हां ऐसा मामला जनपद के केराकत  (सु) विधान सभा क्षेत्र का प्रकाश में आया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पत्नी ही प्रत्याशी का विरोध कर रही है तो आम मतदाता क्या करेगा विचारणीय प्रश्न खड़ा हो गया है। 
जनपद की सुरक्षित केराकत विधान सभा क्षेत्र से डाॅ लालबहादुर सिद्धार्थ बसपा के टिकट पर चुनावी जंग में संघर्ष कर रहे है जीत दर्ज कराने के लिए जी तोड़ मेहनत करते हुए पैसा भी पानी की तरह बहा रहे है। यहां पर डाॅ सिद्धार्थ की पत्नी अनीता सिद्धार्थ खुले आम अपने पति का विरोध करते हुए भाजपा प्रत्याशी दिनेश चौधरी से साथ भाजपा का प्रचार करते हुए अपने पति को हराने के लिए दिन रात एक किये हुए है। इतना ही नहीं भाजपा प्रत्याशी के नामांकन में प्रस्तावक भी अनीता रही है। 
कारण जो भी हो लेकिन अनीता कहती है बसपा के बैनर तले चुनाव लड़ रहे अपने पति को हराने एवं अपने उत्पीड़न की कहांनी जनता को बता कर भाजपा को जीत दिलाने का काम करके ही दम लिया जायेगा। भाजपा प्रत्याशी वर्तमान विधायक भी है और केराकत विधान सभा का अभी तक का इतिहास है कि कोई भी राजनैतिक लगातार दो बार इस सीट से जन प्रतिनिधि नहीं चुना गया है। जनता हर बार नये चेहरे को अपना प्रतिनिधित्व सौंपती है। 
यहां बता दे कि इस विधान सभा में बसपा से डाॅ लालबहादुर सिद्धार्थ, भाजपा से दिनेश चौधरी और सपा से पूर्व सांसद तुफानी सरोज के बीच कड़ी टक्कर चल रही है। कौन बनेगा 2022 में विधायक यह तो 10 मार्च को परिणाम आने के बाद साफ होगा लेकिन लड़ाई तो सभी लड़ रहे है। पत्नी के विरोध का कितना असर बसपा प्रत्याशी पर होगा यह तो भविष्य के गर्भ में है लेकिन पत्नी का विरोध मतदाताओ के बीच चर्चा का बिषय बना हुआ है। इस विधान सभा में कुल 4 लाख 15 हजार 684 मतदाता है जिसमें पुरूष मतदाताओ की संख्या 215216 है तो महिला मतदाताओ की संख्या 200443 है। इस विधान सभा क्षेत्र में दलित और क्षत्रीय मतदाताओ की संख्या सबसे अधिक है। यहां पर यही मतदाता निर्णायक भूमिका में रहते है। 

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